आजादी के बाद पहली बार दारमा घाटी के चीन सीमा से सटी अंतिम ग्राम पंचायत सीपू (11820 फुट) में सोमवार को 11 बजे फोन की घंटी बजते ही ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे। ग्रामीणों ने निचली घाटी में रह रहे अपने परिजनों से बात की।
सीपू में जिओ ने मोबाइल टावर लगाया है। जिओ के इंजीनियर विकास कुमार और हरजीत सिंह ने ग्रामीण सुंदर सिंह, जय सिंह, चंद्र सिंह, बहादुर सिंह, दलीप सिंह, सनम देवी, दीपा देवी की मौजूदगी में संचार सुविधा शुरू कराई। सीपू निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग सुंदर सिंह सीपाल ने दूरस्थ गांव में संचार सुविधा शुरू होने को एक सपना सच होना बताया।
उन्होंने सरकार से सड़क और स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध कराने की मांग की। दीलिंग दारमा सेवा समिति के अध्यक्ष करन सिंह ग्वाल, ग्राम प्रधान शांति सीपाल, सामाजिक कार्यकर्ता चंद्र सिंह सीपाल, जीवन सिंह सीपाल ने संचार सुविधा उपलब्ध कराने पर खुशी जताई। सरकार और जिओ कंपनी का आभार प्रकट करते हुए भविष्य में भी इसे ठीक रखने का अनुरोध किया।
उन्होंने बताया कि पूर्व में ग्रामीणों को आपदा संबंधित सूचना और अन्य आपातकाल में 10 किमी दूर पैदल ढाकर स्थित आईटीबीपी कैंप आना पड़ता था। अब लोगों को सूचना देने के लिए पैदल आने की जरूरत नहीं होगी।
बता दें कि निजी संचार कंपनी जिओ ने वर्तमान समय तक दारमा घाटी के ग्राम सोबला, दर, बोगलिंग, नागलिंग, बालिंग, बोन, गो, तिदांग और व्यास घाटी के ग्राम कुटी, नाबी, गुंजी आदि गांवों में संचार सुविधा शुरू करा दी है।