पिथौरागढ़ में संचालन न होने से बदहाल हो चुका इंजीनियरिंग कॉलेज का भवन। संवाद
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के नजदीक मड़धूरा में 14 करोड़ से बने नन्ही परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज में दो साल बाद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं हो पाए हैं। निर्माण के बाद से ही यहां भूस्खलन होने लगा। तब से भू-धंसाव हो रहा है। इसे रोकने के लिए भवन के नीचे सुरक्षा दीवार लगाई जानी है। तीन करोड़ रुपये भी मिले है, लेकिन यह पैसा सरकारी खाते में डंप है।
जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर मड़धूरा में वर्ष 2011 में जिले के पहले इंजीनियरिंग कॉलेज के भवन का निर्माण किया गया। ढालदार भूमि होने से भू वैज्ञानिकों ने सुरक्षा के लिए इसके नीचे दीवार को जरूरी बताया था लेकिन उनकी सलाह को अनसुना कर दिया गया। नतीजतन, निर्माण के बाद वर्ष 2023 में भूस्खलन से इंजीनियरिंग कॉलेज का भवन खतरे में आ गया। इस बार औसत से अधिक बारिश की संभावना जताई जा रही है। यदि भारी बारिश में फिर से भूस्खलन हुआ तो कॉलेज को बड़ा नुकसान हो सकता है।
सुरक्षा के इंतजाम होंगे तो शिफ्ट होगा कॉलेज
सीमांत जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा देने के लिए सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हुई। तब आईटीआई पुनेड़ी में कक्षाओं का संचालन शुरू हुआ। बाद में इसे केएनयू जीआईसी में संचालित किया गया। वर्तमान में भी यह यहीं संचालित हो रहा है। मड़धूरा में अपनी इमारत बनाने के बाद भी कॉलेज को यहां शिफ्ट नहीं किया गया। सुरक्षा के इंतजाम कर इसे यहां संचालित करने की योजना तो बनी लेकिन यह अब तक परवान नहीं चढ़ सकी है। समय बीतने के साथ-साथ कॉलेज के लिए बना भवन जर्जर हो गया है।
कोट
मड़धूरा में बने इंजीनियरिंग कॉलेज के भवन की सुरक्षा के इंतजाम किए जाने हैं। सुरक्षा दीवार के लिए टेंडर लगाए गए हैं। जल्द इसकी सुरक्षा कर इस भवन में इंजीनियरिंग कॉलेज का संचालन किया जाएगा। - डॉ. अजीत सिंह, निदेशक, इंजीनियरिंग कॉलेज, पिथौरागढ़