शिक्षक की विदाई के समय उमड़े लोग
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यहां से 40 किमी दूर स्थित तीजम राजकीय प्राथमिक स्कूल में 33 साल से सेवाएं दे रहे अध्यापक प्रेम सिंह दताल को रिटायर होने पर भावभीनी विदाई दी गई। उनकी इतने वर्ष दुर्गम क्षेत्रों में दी गई उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित भी किया गया। शिक्षक की विदाई के समय अपार जनसमूह उमड़ा।
धारचूला तहसील के दातूं निवासी श्री दताल की 1983 में तीजम राजकीय प्राथमिक स्कूल की पहली ज्वाइनिंग हुई। इसके बाद से उन्होंने इसी विद्यालय में सेवाएं दीं। लोगों का कहना है कि अक्सर दुर्गम एवं अति दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक सुगम और शहरी इलाकों में स्थानांतरण के लिए नेताओं, आला अफसरों के चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन अध्यापक प्रेम सिंह दताल ने कभी भी न तो सिस्टम को कोसा और न सुविधाजनक विद्यालय में जाने का प्रयास किया। सदा एकाग्रचित्त होकर सेवाएं देते रहे। उनकी सेवा का संकल्प इतना दृढ़ था कि बरसात में बार-बार धारचूला की ओर आने में होने वाली दिक्कतों से बचने के लिए तीजम के पास वतन गांव में ही घर बनाकर बस गए।
उन्होंने कभी भी विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया। उनके विदाई समारोह में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नेपाली, कुमाऊंनी और विदाई गीत सहित कई मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान संकुल संसाधन केंद्र तीजम के सभी शिक्षकों के अलावा विजय बनग्याल, जीवन बिष्ट, नारायणी देवी, शांति बिष्ट, मंजू जम्काल, रूप सिंह, सोबन सिंह, भूपेंद्र सिंह आदि ग्रामीण उपस्थित थे। ग्राम प्रधान तीजम मान सिंह दुग्ताल और शिक्षकों ने प्रेम सिंह दताल को उनके उत्कृष्ट सेवा के लिए शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।