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Pithoragarh News: पाली की रेखा और उनकी बेटी सुमन ने ऐपण को बनाया स्वावलंबन का आधार

Sun, 23 Aug 2026 11:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। कनालीछीना ब्लॉक के पाली निवासी रेखा देवी और उनकी बेटी सुमन दिगारी की स्वावलंबन की कहानी विपरीत
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परिस्थितियों में आगे बढ़ने का हौसला देती है। मां-बेटी ने ऐपण को आधार बनाकर स्थानीय उत्पाद तैयार किए आत्मनिर्भर होने की कहानी लिखी है।

वर्ष 2008 में पति के निधन के बाद परिवार और बच्चों की पूरी जिम्मेदारी रेखा देवी के कंधों पर आ गई। लंबे समय तक परिवार की आजीविका का मुख्य आधार गो पालन रहा। रेखा देवी वर्ष 2022 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी। उन्होंने सीसीएल के माध्यम से 50 हजार रुपये और रीप से 30 हजार रुपये का ऋण लिया। इससे उनकी आजीविका को मजबूती मिली और परिवार को आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने का अवसर भी दिया।

उनकी बेटी सुमन ने मां के वर्षों के संघर्ष को बेहद करीब से देखा। शिक्षा पूर्ण करने के बाद सुमन अपनी मां के संघर्ष में सहारा बनी। इसी उद्देश्य से उन्होंने उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला को आजीविका के साधन के रूप में अपनाया। मां-बेटी ने ऐपण कला से स्थानीय उत्पाद तैयार कर लघु उद्यम शुरू किया। सुमन ने ऐपण कला को अपनी रचनात्मक प्रतिभा से नई पहचान दी और पारंपरिक लोककला बाजार तक पहुंचाई। अब स्थानीय बाजारों में भी ऐपण से सजी सामग्री व अन्य उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर ऐपण राखियों को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। विकासखंड स्तर से समूहों में तैयार की गई ऐपण राखी, सजावटी सामान और अन्य उत्पाद स्थानीय बाजार, सरस केंद्रों, ग्राम स्तरीय दुकानों और अन्य विपणन स्थलों में उपलब्ध कराए जाते हैं।
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रेखा देवी और सुमन दिगारी के स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और ब्रांड की पहचान विकसित करने में सहयोग किया जा रहा है। उन्हें लखपति दीदी की दिशा में आगे बढ़ने का आधार भी प्रदान किया जा रहा है। गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

बलवंत जोशी, ब्लॉक मिशन प्रबंधक कनालीछीना
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