पिथौरागढ़ के उज्जवला पुनर्वास केंद्र विण में सात माह बाद अपनी बेटी के साथ महिला और अन्य।
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र कार्ड में रह रही महिला अपने परिजनों से मिलकर बेहद खुश नजर आई। यह महिला पिथौरागढ़ में अकेली मिली थी। सात माह बाद महिला जब अपनी पुत्री से मिली तो उसकी आंखें छलक आईं।
नेपाल के उकू बाकू निवासी देवकी देवी पिथौरागढ़ के विण स्थित उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र में सात माह से रह रही थी। सात माह पहले पिथौरागढ़ रोडवेज बस स्टेशन में देवकी देवी अकेली मिली थी। स्थानीय लोगों ने कार्ड संस्था कार्यकर्ता निर्मला पांडेय और उपनिरीक्षक प्रियंका मौनी को इसकी सूचना दी। इसे रोडवेज बस अड्डे से उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र भेजा गया था। पूछताछ के बाद महिला ने अपना घर का पता नेपाल के उकू बाकू बताया था। इसके बाद से ही इनके परिजनों की खोजबीन की गई।
केंद्र की कार्यकर्ता निर्मला ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते झूलापुल बंद होने से परिजनों का पता नहीं लग पाया। पुल खुलने के बाद नेपाल प्रशासन के सहयोग से परिजनों का पता लगाया गया। शुक्रवार को देवकी बेटी हेमा पाल मां से मिलने पहुंची तो दोनों की आंखें छलक आईं। संस्था ने महिला को बेटी के सुपुर्द किया। संस्था की कार्यकर्ता निर्मला ने बताया की संस्था मानव तस्करी से पीड़ित बच्चों, महिलाओं की सुरक्षा और पुनर्वास के लिए कार्य कर रही है। इस दौरान हेमा कापड़ी, अनीशा नगन्याल, राजू चंद, बबीता आदि रहे।