यहां अक्सर पेड़ गिरने से यातायात ठप हो जाता है। बिजली की लाइन पर पेड़ गिरने से सप्लाई ठप हो जाती है। दो सप्ताह पहले नगर क्षेत्र में आए अंधड़ के दौरान ऐंचोली में एक कार के ऊपर पेड़ गिर गया था। सौभाग्य से घटना में कोई घायल नहीं हुआ। उसी दौरान डीडीहाट में स्टेट हाइवे पर पेड़ गिरकर आने से यातायात आठ घंटे ठप रहा। कई घरों में पेड़ गिरे थे।
पिथौरागढ़ से धारचूला के बीच एनएच पर चर्मा, ओगला, हेलपिया में जंगलों के बीच से जाने वाली सड़क के किनारे कई पेड़ खतरनाक हालत में हैं। जिला मुख्यालय में चंडाक जाने वाली रोड पर जीजीआईसी के पास पेड़ सड़क की तरफ लटके हैं। नगर क्षेत्र में मुख्य सड़कों के किनारे कहीं पर विभिन्न प्रतिष्ठानों के होर्डिंग्स तो कहीं पर बिजली के पोल भी खतरे का कारण बने हैं। घंटाकरण, लिंक रोड, सिल्थाम, ऐंचोली, विकास भवन में सड़क के किनारे लगाए गए होर्डिंग्स हवा के तेज झोंके में टूटकर गिर सकते हैं। पिछले दिनों जब हनुमान मंदिर इलाके में बड़ा पेड़ टूटकर एक मकान पर गिरा तो उसी समय यह मांग उठने लगी कि खतरनाक पेड़ों को हटाया जाए।
आपदा प्रबंधन विभाग ने नगर क्षेत्र में खतरनाक हालत में खड़े पेड़ों को चिन्हित करने और उनको काटने के लिए वन विभाग को पत्र भी लिखा था। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने भी वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि सड़कों के किनारे और आबादी के बीच में खतरनाक पेड़ों का चिन्हीकरण करें और तत्काल उनको हटाएं। अब तक न तो चिन्हीकरण हुआ है और न कोई पेड़ हटाया गया है।