सीमांत धारचूला तहसील का रांथी गांव
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धारचूला तहसील के रांथी क्षेत्र के लोगों को संचार सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। क्षेत्र में लगे एकमात्र टावर से सिग्नल नहीं आने के कारण लोगों के मोबाइल फोन शोपीस बने हैं। हालात यह हैं कि सूचना देने के लिए ग्रामीणों को 35 किमी दूर धारचूला आना पड़ता है।
संचार सुविधा के नाम पर कोलधार नामक स्थान पर बीएसएनएल ने एक टावर लगाया है, लेकिन इसका क्षेत्र की जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। रांथी के बोरागांव, लेखरांथी, रुतिकोट, सिमार और कुरखेती तोकों में इसके सिग्नल नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में लोगों को बातचीत करने के लिए ऊंचाई वाले स्थानों पर जाना पड़ता है।
सिग्नल नहीं आने के कारण कई आपात स्थितियों में सूचना देने के लिए धारचूला पहुंचना पड़ता है। रांथी निवासी धीरज सिंह बोरा ने बताया कि संचार क्रांति के इस दौर में सीमांत के गांवों में संचार की सुविधा नहीं है। उन्होंने बीएसएनएल के अधिकारियों से टावर की रेंज बढ़ाने की मांग की है।