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रं समाज ने मनाया रं ल्वू ज्या

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धारचूला में रं ल्वू ज्या में सांस्कृतिक दलों को पुरस्कार देते मुख्य अतिथि। - फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। नंदन न्यास समिति ने रं म्यूजियम में रं ल्वू ज्या (रं भाषा दिवस) मनाया। इसमें महिला दलों ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर समा बांधा। नेपाल के दार्चुला से भी शौका समाज के लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे।
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शनिवार को मुख्य अतिथि कुंती लाला, विशिष्ट अतिथि सुधी नबियाल, एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला, नंदन न्यास के पूर्व अध्यक्ष अशोक नबियाल, राजेश्वरी लाला, पुष्कर लाला, रं कल्याण संस्थाध्यक्ष डीके फकलियाल ने संयुक्त रूप से रं भाषा दिवस का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि कुंती ने अपने पति स्व. नंदराम लाला के किए कार्यों का सम्मान देने पर रं कल्याण संस्था का आभार जताया। एसडीएम ने रं समाज के लोगों की अपनी संस्कृति बचाने के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में नंदन न्यास के अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल ने बताया कि रं लिपि के बनाने के लिए 1977 में नंदराम लाला ने एक लाख रुपये की राशि दी गई थी। उनके रं भाषा लिपि की सोच को देखते हुए रं कल्याण संस्था ने पिछले साल से नंद राम की जयंती पर रं ल्वू ज्या मनाया जा रहा है। बताया कि रं लिपि बनाने के प्रयास जारी हैं। नंदन न्यास के पूर्व अध्यक्ष अशोक नबियाल ने बताया कि रं लिपि के साथ-साथ समुदाय के लोग अपने बच्चों को रं भाषा और युवकों को पगड़ी पहनना सिखाना आदि कार्य किए जा रहे हैं। दार्चुला नेपाल से आई शोका समाज की अध्यक्ष यशोदा तिंकरी ने भी दार्चुला में रं संस्कृति से संबंधित कार्यों की जानकारी दी। संचालन राम सिंह ह्यांकी, मोहन ततवाल ने किया। इस अवसर पर माउंट एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल, अमृता बोहरा, नीना बोहरा, उर्मिला गुंज्याल आदि रहे।
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पीएम भी कर चुके हैं रं संस्कृति की सराहना
धारचूला। पिछले वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने मन की बात में रं समाज के लोगों की सराहना की। पीएम ने रं समुदाय की अपनी भाषा और संस्कृति को बचाने के प्रयासों की प्रशंसा की। तब से रं समाज के लोग काफी उत्साहित हैं और रं लिपि बनाने के प्रयास में तेजी ला रहे है।
कार्यक्रमों में दिखी रं संस्कृति की झलक
पिथौरागढ़। रं भाषा दिवस पर कार्यक्रमों में रं संस्कृति की झलक दिखी। गर्ब्यांग महिला मंगल दल की महिलाएं, आभा फकलियाल, हिरंदा कुटियाल, बिंदु रौंकली की टीम ने रं भाषा में कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। गायक दीपक रौंकली और राजेश नपलच्याल ने रं भाषा संरक्षण के उपाय के बारे में अपने गीतों से लोगों को प्रेरित किया।
पांच घंटे के लिए खुला झूला पुल
धारचूला। रं भाषा दिवस को देखते हुए रविवार को सुबह 10 बजे से शाम तीन बजे तक पुल खोला गया। इस दौरान नेपाल से 547 लोग भारत आए और भारत से 453 लोग नेपाल गए। कुल एक हजार लोगों ने आवाजाही की। एसएसबी के एसी राम चंद्र रमोला, इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह के नेतृत्व में आने जाने वाले लोगों की चेकिंग की गई।

धारचूला में रं ल्वू ज्या में पारंपरिक वेशभूषा में गीत गाती महिलाएं।- फोटो : PITHORAGARH

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