हरड़िया के पास रामगंगा में बनी झील खुद ही टूट गई
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नामिक क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण रामगंगा उफान पर रही। हरड़िया में बनी कृत्रिम झील का पानी भी निकल गया है। नदी में हरड़िया नाले का मलबा जमा हो गया था। पानी का बहाव रुकने से झील बन गई थी।
रविवार सुबह नामिक ग्लेशियर से निकलने वाली रामगंगा पूर्वी में पानी काफी बढ़ गया था। पानी का बहाव भी तेज था। नदी के बहाव के साथ हरड़िया में जमा मलबा बह गया, वहां बनी अस्थायी झील का अस्तित्व समाप्त हो गया। नामिक में जबरदस्त बारिश हो रही थी। दोपहर बाद नामिक इलाके में बारिश रुकने के बाद नदी का जलस्तर घटा। अब गंगा शांत बहती दिखाई दे रही है, जहां पर कृत्रिम झील थी, उस स्थान पर अब रेत उभर आई है।
नदी में झील बनने की समस्या पिछले कई सालों से आ रही है। इसके पीछे नदी में भारी मलबे का जमा होना रहा है। रविवार की तेज बारिश ने मलबे को साफ कर दिया। कृत्रिम झील टूटने से लोगों ने राहत की सांस ली है। झील से आबादी को खतरा पैदा हो गया था।