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रामगंगा ने मचाया तांडव, बागेश्वर को जोड़ने वाला झूलापुल बहा

Wed, 11 Jul 2018 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी
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बागेश्वर-पिथौरागढ़ सीमा पर टूटा झूलापुल - फोटो : अमर उजाला
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विकराल रामगंगा ने बुधवार सुबह नाचनी में जमकर तांडव मचाया। उफान पर आई रामगंगा बागेश्वर जिले को जोड़ने वाले वर्ष 1978 में बने झूलापुल को बहा ले गई। एक जेसीबी भी जलप्रलय में बह गई। नाचनी के कई घरों के लिए खतरा पैदा हो गया है।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह 5 बजे रामगंगा का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा। देखते ही देखती रामगंगा उफना गई। तटबंधों से दो मीटर ऊपर पानी बहने लगा। करीब पौने छह बजे नदी का प्रवाह आवासीय मकानों तक पहुंच गया। नदी के किनारे स्थित कुंदन सिंह बथियाल के गैरेज में पानी भर गया। लोगों ने गैरेज में खड़ी कार को निकाल किया। पास ही खड़ी जेसीबी को निकालने की कोशिश करने लगे। जेसीबी में बैट्री नहीं थी, लोग बैट्री ले जाकर जेसीबी को स्टार्ट कर सुरक्षित निकालते, तब तक वह बह गई और देखते ही देखते रामगंगा में समा गई। करीब पौने सात बजे झूलापुल में जाने के लिए बनी कंकरीट की पुलिया ढह गई। 7.30 बजे झूलापुल ध्वस्त हो गया। झूलापुल टूटने से बागेश्वर जिले के भकोना में चंचल सिंह कार्की का मकान झूलापुल के रस्सों (लोहे की लड़ी) से लिपट गया। मकान को आंशिक क्षति पहुंची है। यह मकान भी रामगंगा के बहाव से खतरे में आ गया है।

नदी का प्रवाह कुंदन सिंह बथियाल की मिक्चर मशीन, ब्लॉक बनाने की मशीन और मछली के तालाब को भी बहा ले गया। 18 परिवारों का शौचालय का सामूहिक पिट बह गया। खुशाल सिंह का शौचालय और सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। प्राथमिक पाठशाला नाचनी का भोजनालय कक्ष क्षतिग्रस्त हो गया, इससे विद्यालय के लिए खतरा पैदा हो गया है। भूपेंद्र बथियाल, नंदा बल्लभ कांडपाल, खड़क सिंह बथियाल, देवेंद्र सिंह, मुन्नी टोलिया, भगवती देवी के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। एक आटा चक्की के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। लोगों ने मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता पीके दीक्षित के सामने तटबंधों को दो मीटर और ऊंचा उठाने की मांग रखी।
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पुलिया में खड़े लोगों की जान बची
नाचनी। झूलापुल के ध्वस्त होने से पहले करीब 15 लोग कंकरीट की पुलिया में खड़े होकर रामगंगा का तांडव देख रहे थे। जिस समय यह लोग पुलिया में खड़े थे, उस समय नदी में जेसीबी बह रही थी। जेसीबी के बहते ही खतरा भांप यह लोग पुलिया से भाग खड़े हुए। लोगों के हटते ही तीन पार्टों में बनी कंकरीट की पुलिया भरभरा कर गिर गई। इसी पुलिया से होकर झूलापुल के लिए रास्ता था। पुलिया ध्वस्त होते ही झूलापुल भी ध्वस्त हो गया।

बागेश्वर के इन गांवों को पड़ा है असर
पिथौरागढ़। झूलापुल ध्वस्त होने से बागेश्वर जिले के महरगाड़ वैली के भकोना, खेती, किश्मिला, भल्यूड़ी, कनोली, नामती चेट्टाबगड़, खिमला, भन्याड़, लाथी, धन्याड़, भनार, शामा के पास खड़लेख गांव के लोगों का संपर्क नाचनी से टूट गया है। इन गांवों का व्यापारिक केंद्र नाचनी है। भकोना, खेती, किश्मिला, भल्यूड़ी, कनोली गांव के बच्चे नाचनी के स्कूलों में पढ़ते हैं। इनका स्कूल आना भी बंद हो गया है।

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