जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए राष्ट्रीय राइफल के जवान राजेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर बडेना गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले क्षेत्र के लाल के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। इसके बाद गमगीन माहौल में रामेश्वर घाट पर सैन्य सम्मान के साथ राजेंद्र का अंतिम संस्कार किया गया।
शनिवार को जैसे ही सेना के वाहन से शहीद राजेंद्र का पार्थिव शरीर उनके बडेना गांव स्थित घर पहुंचा, वहां कोहराम मच गया। शहीद के पिता चंद्र सिंह, माता मोहनी देवी और तीनों बहनों सहित अन्य परिजन फफक कर रो पड़े। उनके करुण क्रंदन से सांत्वना देने के लिए पहुंचे लोगों की आंखें भी नम हो गई। लोगों ने बमुश्किल परिजनों को संभाला। क्षेत्रीय विधायक मीना गंगोला, संयुक्त मजिस्ट्रेट सौरभ गहरवा, तहसीलदार पीआर टम्टा ने भी शहीद के परिजनों को सांत्वना दी। अंतिम दर्शन के बाद शहीद के पार्थिव शरीर को रामेश्वर घाट ले जाया गया।
जहां पर सेना की एक टुकड़ी ने उन्हें अंतिम सलामी दी। सेना की ओर से जेसीओ रितेश सेमवाल, कमलेश कुमार, अतुल कुमार मौजूद रहे। शहीद राजेंद्र की अंतिम यात्रा में सिनलेख, चौरपाल, पाली, बडेना, बुंगली, खतीगांव, निंगल्टी, चहज, ड्यूल, रौतेड़ा, अस्कोड़ा, टिम्टा, चमडुंगरा, डूनी, नाली सहित आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। उधर, शोक में गंगोलीहाट बाजार बंद रहा। व्यापार संघ अध्यक्ष हरीश धानिक के नेतृत्व में व्यापारियों ने शोक सभा में शहीद को श्रद्धांजलि दी।