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Pithoragarh News: बारिश, भूस्खलन से मकानों-गोशालाओं को खतरा, जनजीवन अस्त-व्यस्त

Sun, 03 Aug 2025 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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 मूसलाधार बारिश से थल-मुनस्यारी सड़क के समीप खतरे की जद में आया रसियाबगड़ पंचायत घर। संवाद
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नाचनी/धारचूला/पिथौरागढ़। जिले में हुई भारी बारिश से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग सहित 25 सड़कों पर मलबा आ गया। रातीगाड़ हरड़िया और रसियाबगड़ में दो स्थानों पर मलबा आने से थल-मुनस्यारी सड़क पर सात घंटे यातायात बाधित रहा। आठ सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है जबकि 17 सड़कों को खोलने का काम चल रहा है। सड़कें बंद होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले भर में कई जगहों पर भूस्खलन के कारण लोगों के मकान, गोशाला, पंचायत घर आदि खतरे की जद में आ गए हैं।
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नाचनी क्षेत्र में बीती शनिवार शाम करीब सात बजे से रविवार सुबह सात बजे तक भारी बारिश हुई। बारिश से थल-मुनस्यारी सड़क रातीगाड़ हरड़िया और रसियाबगड़ में बंद हो गई। रसियाबगड़ में खबरिया नाले के उफान पर आने से पंचायत घर खतरे की जद में आ गया है। नाले का रुख रसियाबगड़ गांव की बस्ती की ओर होने से कई घरों को खतरा हो गया है। बांसबगड़ में शेखर जोशी के मकान के पीछे से मलबा आने से भवन को खतरा पैदा हो गया है। राजस्व विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हो गई है।
लोनिवि ने थल-मुनस्यारी सड़क से मलबा हटाकर दोपहर 12 बजे सड़क को यातायात के लिए खोला। सड़क बंद रहने से हल्द्वानी, पिथौरागढ़ और मुनस्यारी को जाने वाले सैकड़ों यात्री परेशान रहे। मसूरीकाठा होकरा, नाचनी बांसबगड़, कोटा, धामीगांव, राया-बजेता, भैसकोट आदि सड़कें भी बोल्डर मलबा आने से पटी हैं। सभी सड़कों को खोलने के लिए पीएमजीएसवाई और लोनिवि ने जेसीबी मशीन लगाई गई हैं।
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चीन सीमा को जोड़ने वाला कैलाश यात्रा मार्ग तवाघाट के पास बोल्डर गिरने से बंद हो गया है। इस कारण व्यास, दारमा और चौदास घाटी के लिए वाहनों का संचालन नहीं हो सका। दिन भर वाहन मार्ग पर फंसे रहे। लोगों को पैदल ही दूसरी ओर जाकर अन्य वाहनों से आवागमन करना पड़ा। बारिश से जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क जगह-जगह बंद हो गई है। बरम में रविवार सुबह से ही कई वाहन फंसे रहे। लुमती और चुमड़िया थौड़ में भी मलबा आने से सुबह 10 बजे तक हल्द्वानी, पिथौरागढ़ और धारचूला की गाड़ियां फंसी रहीं।

बंगापानी में भूस्खलन से कई मकानों को खतरा
बंगापानी। बंगापानी क्षेत्र के गांवों में आपदा का कहर दिखने लगा है। बारिश से जाराजिबली ग्राम सभा के तोक मलछन में भवान सिंह पुत्र धन सिंह और चंद्र सिंह पुत्र धन सिंह का मकान खतरे की जद में आ गया है। भूधंसाव होने से सड़क और पानी की लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। मकानों के ढहने के के डर से लोगों ने भय के साए में रात गुजारी।
बंगापानी तहसील के ही ग्राम पंचायत मदरमा के पातल तोक में हयात सिंह पुत्र देव सिंह का मकान भी खतरे की जद में आ गया है। ग्राम प्रधान भावना देवी ने तहसील प्रशासन से मकान के लिए सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की है। मेतली गांव में भागीरथी देवी पत्नी भूपेंद्र सिंह के शौचालय की दीवार का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया। भूस्खलन होने से मलबे के कारण मेतली गांव में ही मनोज सिंह पुत्र कुंदन सिंह की गोशाला का दरवाजा बंद हो गया। गांव के ही रूप सिंह पुत्र सोबन सिंह के मकान को भी खतरा पैदा हो गया है। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। संवाद

गणाई गंगोली में दुकानों में घुस रहा बरसात का पानी

गणाई गंगोली। मूसलाधार बारिश से गणाई गंगोली में पानी सड़कों पर बहते हुए घरों और दुकानों में घुस रहा है। सड़क किनारे की नालियां और कलवर्ट बंद होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग से बंद पड़ी नालियां और कलवर्ट को खोलने की मांग की है। संवाद

रामगंगा के उफान पर आने से तटबंध पर करना पड़ा शव दाह

थल (पिथौरागढ़)। भारी बारिश से रामगंगा नदी उफान पर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से थल के तीनों घाटों पर लबालब पानी है। रविवार को कोकिला घाट पर शव दाह के लिए आए लोगों ने घाट के डूबे होने के कारण काफी देर तक जलस्तर घटने का इंतजार किया। जबजल स्तर नहीं घटा तो मजबूरी में तटबंध के ऊपर ही अंत्येष्टि की गई। हर साल बरसात के चार महीनों में तीनों घाटों के डूबे रहने के कारण घाट में लोगों को शव दाह में परेशानी आती है। तीनों घाट छोर पर सरकार ने तटबंध तो बना दिए हैं लेकिन अभी तक शव दाह के लिए घाटों का निर्माण न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। थल के व्यापारी प्रमोद उपाध्याय ने कहा कि बरसात के दिनों में सरकार को शव दाह के लिए टिन शेड युक्त घाटों का निर्माण कराना चाहिए। नमामि गंगे परियोजना से जुड़े होने के बाद भी यहां अभी तक शव दाह के लिए घाटों का निर्माण न होना चिंताजनक है। संवाद
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