पिथौरागढ़। मानसून से पहले हुई भारी बारिश ने आफत मचानी शुरू कर दी है। पहाड़ी से गिरे मलबे और बोल्डर के कारण जिले की छह मुख्य सड़कें बंद हो गईं जिससे 60 से अधिक गांवों का शेष दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट गया। आपदा प्रबंधन टीम ने मलबे को हटाकर बमुश्किल चार सड़कों पर आवाजाही सुचारु करा दी है लेकिन दो मुख्य रास्ते अब भी बंद हैं जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
सीमांत जिले में शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा। जिला मुख्यालय सहित मुनस्यारी, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, बंगापानी, अस्कोट सहित अन्य हिस्सों में भारी बारिश हुई इससे जनजीवन प्रभावित रहा। बारिश के बाद पहाड़ी से मलबा, बोल्डर और पेड़ गिरने से जौलजीबी-झूलाघाट, पनार-गंगोलीहाट, चमू बैंड-धुरौली, तपोवन-रांथी, बांसबगड़-धामीगांव और बटगल-सेलीपाख सड़कें तड़के ही बंद हो गईं। इससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सड़कों के दोनों तरफ वाहन फंसे रहे और यात्री, बीमार, गर्भवतियां पैदल सफर कर बाजार, अस्पताल पहुंचने के लिए मजबूर हुए। सूचना के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने जेसीबी भेजकर पनार-गंगोलीहाट, चमू बैंड-धुरौली, बांसबगड़-धामीगांव और बटगल-सेलीपाख सड़क पर मलबा, बोल्डर और पेड़ हटाकर आवाजाही सुचारु कराई इससे बड़ी आबादी को राहत मिली। वहीं जौलजीबी-झूलाघाट और तपोवन-रांथी सड़क के खुलने का अब भी क्षेत्र के लोग इंतजार कर रहे हैं।
सड़कों पर जलभराव से दिक्कत
मानसूनकाल शुरू होने में कुछ ही दिन शेष हैं। ग्रामीण तो दूर अब तक सिस्टम जिले की प्रमुख सड़कों पर नाली निकास की उचित व्यवस्था नहीं कर सका है। नतीजतन शुरुआती बारिश में ही सड़कों पर जलभराव की समस्या गंभीर होने लगी है। शुक्रवार को भी बारिश के बाद सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण धारचूला हाईवे पर रई पुल, जाजरदेवल, पलेटा आदि स्थानों पर जलभराव हुआ। इन स्थानों पर सड़क तालाब में तब्दील नजर आई इससे यात्री, वाहन चालक और राहगीर परेशान रहे। वहीं नगर की आंतरिक सड़कों पर भी नालियां चोक होने से सड़क पर बहने वाले पानी ने लोगों की दिक्कत बढ़ाई। लोगों को नालियों से सड़क पर बहने वाले गंदे पानी के बीच आवाजाही करनी पड़ी। संवाद
कोहरा छाने से वाहन चालकों को हुई दिक्कत
बारिश के साथ ही कोहरे ने वाहन चालकों को यात्रियों की दिक्कत बढ़ाई। सुबह के समय बारिश के साथ ही पिथौरागढ़-धारचूला, थल-मुनस्यारी, पिथौरागढ़-झूलाघाट सहित अन्य सड़कों पर घना कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी कम होने से वाहन चालकों को मजबूरन फॉग लाइट के सहारे वाहनों का संचालन करना पड़ा।
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बंद सड़कों को खोलने के लिए जगह-जगह जेसीबी तैनात हैं। हर सड़क पर आवाजाही सुचारु रखने के लिए पहले की तैयारी की गई है।-भूपेंद्र महर, प्रबंधन अधिकारी, जिला आपदा
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