देरी से ही सही रविवार की रात यहां जमकर बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय में 16.4 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। घाटी वाले इलाकों में बारिश की मात्रा 20 से 26 एमएम तक रही। ताजा बारिश से सूखती फसलों को जीवनदान मिल गया है।
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि दो तीन दिन के भीतर फिर से बारिश की संभावना बन सकती है। अब सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ को स्थानीय स्तर पर नमी मिलने लगेगी। इससे बारिश की उम्मीद की जा सकती है। जिला मुख्यालय में रविवार की रात दस बजे से गरज वाले बादल सक्रिय हो गए। उसके बाद 11 बजे से झमाझम बारिश होने लगी। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन इलाकों में फसल उग गई है और पानी की कमी से सूखने की स्थिति में आ गई थी वहां पर फसलों को फिर से संभलने का मौका मिल जाएगा। इससे नुकसान कम होगा।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने कहा कि अब किसानों को खेतों की निराई, खरपतवार निकालने और खाद डालने का काम शुरू कर देना चाहिए। धूप पड़ते ही फसल तेजी से बढ़ने लगेगी। जिला उद्यान अधिकारी डा. मीनाक्षी जोशी ने कहा कि सब्जियों के लिए पर्याप्त बारिश हो गई है। अब किसानों को सब्जी बीजों का रोपण कर देना चाहिए।
पानी के स्रोतों को मिला जीवनदान
पिथौरागढ़। बारिश न होने के कारण सूखने की स्थिति में आ गए पानी के प्राकृतिक स्रोतों को जीवनदान मिल गया है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि बारिश से काफी राहत मिली है। अब स्रोतों में पानी बढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने राहत मिली है। यदि फिर से बारिश होती है तो स्रोतों में पानी बढ़ जाएगा।