पिथौरागढ़। ऊंची चोटियों पर हिमपात और निचले इलाकों में बारिश से कड़ाके की ठंड एक बार फिर लौट आई है।
शुक्रवार सुबह आसमान बादलों से घिरा रहा। 11 बजे जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई। दोपहर 12 बजे से जिले के सभी इलाकों में तेज बारिश हुई। इस दौरान मुनस्यारी और धारचूला की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। थल-मुनस्यारी मार्ग पर कालामुनि क्षेत्र में भी हल्की बर्फबारी हुई। दिनभर बारिश होने से लोग घरों पर ही कैद रहे। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बारिश और हिमपात से कोई सड़क बाधित नहीं है।
सड़क बंद होने से पंचाचूली नहीं जा पा रहे पर्यटक
धारचूला। धारचूला के दारमा और व्यास घाटियों में इस बार जमकर बर्फबारी हुई है। बर्फबारी से दारमा घाटी के सेला जाने वाली सड़क 12 दिसंबर से बंद है। सेला और नागलिंग के बीच अस्थायी ग्लेशियर बन गया है। इसके चलते पर्यटक पंचाचूली की ओर नहीं जा पा रहे हैं। ग्लेशियर के कारण आईटीबीपी के जवानों को भी अपनी पोस्टों में जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने शीघ्र सड़क खोलने की मांग की है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में जोखिमभरी हुई आवाजाही
चंपावत। दिनभर हुई बारिश से ठंड में इजाफा हुआ। चंपावत में 21 मिमी बारिश हुई। लगातार बारिश से जिले के पर्वतीय हिस्से में जन-जीवन बुरी तरह ठप रहा। चंपावत, लोहाघाट, बाराकोट, पाटी आदि जगहों में आवाजाही काफी कम रही। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) दिनभर खुला तो रहा, मगर आवाजाही जोखिमभरी रही। हाईस्कूल बोर्ड परीक्षार्थियों और स्कूली बच्चों को भी बारिश से दुश्वारी झेलनी पड़ी। वहीं बारिश के चलते होली पर मानेश्वर महादेव मंदिर में मेला नहीं लग सका। बारिश से राष्ट्रीय राजमार्ग में निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग की कटिंग पर असर पड़ा। आवाजाही के लिए मार्ग तो खुला रहा, लेकिन कीचड़ के चलते यात्रा जोखिमभरी रही।
बेमौसम वर्षा ने बढ़ाई ठंडक, जनजीवन अस्त-व्यस्त
टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। भाबर में भी शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहे। रिमझिम बारिश हुई। इससे जहां मौसम एक बार फिर सर्द बना रहा, वहीं जनजीवन भी अस्त-व्यस्त रहा। मार्च में तापमान बढ़ने पर लोगों ने गर्म कपड़े रख दिए थे, लेकिन बारिश से फिर सर्द हुए मौसम ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने को मजबूर कर दिया। गहरे स्थानों पर जलभराव और कीचड़ से भी परेशानी हुई। बनबसा का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। राज्य बागवानी पुरस्कार से सम्मानित प्रगतिशील किसान जिला पंचायत सदस्य पुष्कर कापड़ी एवं हेमेंद्र सिंह रावत ने बताया कि गेहूं की फसल गिरने लगी है। इससे गेहूं का दाना काला पड़ सकता है।