पिथौरागढ़ जिला वर्ष 2013 की आपदा से भलीभांति उबर भी नहीं पाया है कि आसमान से एक बार फिर आफत बरसने लगी है। मानसून की पहली ही बारिश में मुनस्यारी के गोरीपार क्षेत्र को जोड़ने के लिए बनाया गया लकड़ी का अस्थायी पुल बह गया है। नदी में लगाई गई गरारी (ट्राली) खराब होने से गोरीपार के लिए आवागमन बंद हो गया है। गोरीपार क्षेत्र की करीब 4000 आबादी घरों में कैद हो गई है। वहीं, नाचनी में रामगंगा में बागेश्वर जिले के गांवों को जोड़ना वाला अस्थायी पुल बह गया है। रामगंगा, महाकाली, गोरी नदियां उफान पर हैं। रात से हरड़िया में बंद थल-मुनस्यारी सड़क बृहस्पतिवार सुबह 7 बजे खुली।
गोरी नदी का जलस्तर बढ़ने से बृहस्पतिवार को गोरीपार क्षेत्र को जोड़ने के लिए बनाया गया अस्थायी पुल बह गया, जिससे बसंतकोट, फापा, उच्छैती, जौलढुंगा, बोथी, भटकूड़ा, धूरातोली, बादनी, वोकराली आदि गांवों के लोग घरों में कैद हो गए हैं। गोरीपार निवासी प्रयाग सिंह पालीवाल ने बताया कि गरारी की रस्सियां सड़ गई हैं, ट्राली समेत अन्य खराबियां भी हैं। बसंतकोट का झूलापुल वर्ष 2013 आपदा में बह गया था, तब से नहीं बना है।
नाचनी से मिली जानकारी के अनुसार वहां रातभर से हो रही बारिश से रामगंगा का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी तट पर रखी तटबंध निर्माण की सामग्री बह गई है। रसियाबगड़ से कालापैरकाभड़ी (बागेश्वर) को जोड़ने वाला अस्थायी पुल बह गया। ग्रामीणों को तीन किमी घूमकर जाना पड़ रहा है। विधायक प्रतिनिधि हीरा चिराल, कांग्रेस नेता कलाश कोरंगा ने गोरीपार को जोड़ने वाली गरारी को पहले से ठीक न करने को घोर लापरवाही बताई। कहा कि संबंधित विभागों की लापरवाही से गोरीपार के लिए आवागमन ठप हो गया है। मुनस्यारी के एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा का कहना है कि वह स्वयं मौके पर गए थे। लोनिवि को बसंतकोट में गरारी ठीक करने के लिए टीम भेजने के निर्देश दिए गए हैं। गरारी को जल्द ठीक कर लिया जाएगा।
मिलम से नहीं लौट पा रहा हेलीकॉप्टर
जबरदस्त बारिश के कारण बरसात में राज्य सरकार की ओर से मुनस्यारी में तैनात किया गया हेलीकॉप्टर दो दिन से मिलम से नहीं लौट पाया है। एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने बताया कि बोग्ड्यार में खाई में गिरे लोनिवि के बेलदार के शव को लाने के लिए हेलीकॉप्टर भेजा गया था। मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर मिलम में रुका है। मौसम साफ होते ही हेलीकॉप्टर मुनस्यारी लौट आएगा।