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Pithoragarh News: बारिश और बर्फबारीः कहीं राहत तो कहीं आफत

Fri, 02 Feb 2024 11:13 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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थल-मुनस्यारी सड़क से बर्फ हटाती जेसीबी। संवाद
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जिले में दो दिन पूर्व मौसम बदलने से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। बारिश और बर्फबारी से किसानों को राहत मिली है। पर्यटकों के लिए मौसम मुफीद बनकर आया है। आम लोगों, कारोबरियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। कुछ इलाकों में बिजली लाइनें टूटने से बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित है। नाचनी में खराब मौसम के दौरान चट्टान खिसकने से एक महिला की मौत हो गई। बदहाल सड़कों पर यातायात मुश्किल भरा बना है। कृषि विभाग के मुताबिक बारिश और बर्फबारी से किसानों को फायदा होगा। गेहूं, जौ, बागवानी के लिए बारिश लाभकारी है।
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बंद थल-मुनस्यारी सड़क में सुचारु नहीं हो सका यातायात
33 केवी लाइन में आई खराबी से बिजली आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
मुनस्यारी/ नाचनी। बुधवार की रात करीब आठ बजे बर्फबारी के चलते बंद हुई थल-मुनस्यारी सड़क को अभी यातायात के लिए नहीं खोला जा सका है। अभी भी सड़क पर काफी मात्रा में बर्फ जमी है। सड़क बंद होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्री और पर्यटक वाहन वाया मदकोट-जौलजीबी होते हुए आवाजाही कर रहे हैं। गिरगांव, क्वीटी सहित तमाम क्षेत्र के लोगों को मुनस्यारी जाने के लिए 100 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है। बीआरओ के अभियंता पवन कुमार का कहना है कि सड़क खोलने के लिए दोनों ओर से जेसीबी लगाई गई हैं। इधर, देर शाम थल- मुनस्यारी सड़क में यातायात शुरू हो गया।
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उधर, बारिश और बर्फबारी से नाचनी-मुनस्यारी 33 केवी विद्युत लाइन से बिजली आपूर्ति बुधवार शाम से ठप है। उपउप खंड अधिकारी गिरीश आर्या ने बताया कि बर्फबारी से रातापानी-मुनस्यारी के बीच लाइन में अवरोध आ गया है। अवर अभियंता मुकेश सिंह के साथ विभागीय टीम लाइन को ठीक करने रवाना हो गई है। फिलहाल मुनस्यारी की आपूर्ति जौलजीबी से की जा रही है। अधिशासी अभियंता वीके बिष्ट ने बताया कि टीम क्षेत्र में भेजी गई है। अभी नुकसान का पता नहीं चल पाया है। संवाद
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सीमांत के सूखे खेतों को बारिश से मिली राहत

क्रासर: फसलों की बढ़वार होने की उम्मीद

संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में लंबे समय बाद हुई बारिश से फसलों को कुछ हद तक संजीवनी मिलने की उम्मीद है। हालांकि दिसंबर-जनवरी में बारिश होने से कई जगहों पर बोई गई फसल पहले ही पीली पड़ चुकी है।

जिले में करीब 19000 हेक्टेयर में रबी की फसल गेहूं, मसूर, जौ, आदि बोई जाती है। महज 3200 हेक्टेयर में ही सिंचाई की सुविधा है। 73444 किसान खेतीबाड़ी से जुड़े हैं। सिंचाई की सुविधा कम होने से सीमांत का काश्तकार बारिश पर ही निर्भर रहता है। इस बार पिछले माह माह से बारिश न होने से फसलों को पहले ही काफी नुकसान हो चुका है। किसान पहले से ही सरकार से मुआवजा देने की मांग उठा रहे हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी रितु टम्टा ने बताया कि बारिश और बर्फबारी से फसलों की बढ़वार ठीक होगी। उन्होंने बताया कि फसलों को हुए नुकसान के लिए विभाग की ओर से सर्वे भी कराया गया लेकिन किसी भी किसान ने कोई शिकायत नहीं की। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलों में राजस्व और कृषि विभाग की टीम नुकसान का भी जायजा ले रही है।

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हल्की बारिश से फसलों को फायदा नहीं

अस्कोट। क्षेत्र के गांवों में बोई गई गेहूं और अन्य फसलों को पहले ही काफी नुकसान हो गया है। खोलिया गांव, देवल, हिनकोट, रसगाड़ी, बेड़ा, ऊंचाकोट, ठाड़ीखेत, बगड़ीहाट, तीतरी, सुनखोली, घीघरानी, दवालीसेरा, जमतड़ी, कूटा, जोग्यूड़ा, ओड़ीगांव, भैलिया, थाम, गरखा, भागीचोरा, ओगला, सिंगाली, बस्तड़ी, सुनाकोट, बाराकोट आदि क्षेत्रों में 50 हजार नाली भूमि में बोयी गई फसल गेंहू, जौ, मसूर, लाई, सरसों आदि बर्बाद हो गई है। काश्तकारों ने बताया कि फसल अंकुरित तो हुई लेकिन समय पर बरसात नहीं होने से वह सूख गई है। कनालीछीना के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख डीपी पोखरिया, ग्रामीण एकता मंच के संयोजक तरुण पाल, प्रधान खोलिया गांव हेमा कुंवर, देवल की आशा पाल, हिनकोट के बहादुर सिंह बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य विनीता पाल आदि ने शासन प्रशासन से क्षेत्र को सूखा प्रभावित घोषित कर काश्तकारों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है। काश्तकाराें का कहना है कि खेतों में बोया गया बीज भी बर्बाद हो गया है। संवाद
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धूप खिली तो मिली ठंड से राहत
पिथौरागढ़। शुक्रवार की सुबह आसमान बादलों से पटा रहा। हालांकि बाद में गुनगुनी धूप खिली। इससे लोगों को ठंड से निजात मिली। धूप खिलने से बाजार में भी ग्रामीण क्षेत्रों से काफी आवाजाही रही। लोग दिन में धूप का आनंद लेते दिखाई दिए। अलबत्ता अभी आसमान में बादलों का समूह मंडरा रहा है। हिमालय की ऊंची चोटियां भी बादलों से ढकी रहीं।

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कहां कितनी बारिश

पिथौरागढ़ 5.4 एमएम
गंगोलीहाट 4 एमएम

बेरीनाग 10 एमएम
डीडीहाट 10.7 एमएम

धारचूला 10.2 एमएम
मुनस्यारी 5.2 एमएम

बंगापानी 8.00 एमएम
तेजम 11 एमएम

थल 12 एमएम
देवलथल 8 एमएम

गणाई गंगोली 4 एमएम
कनालीछीना 9.3 एमएम
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गेहूं की ग्रोथ के लिए बरसात फायदेमंद, किसानों के चेहरे खिले

टनकपुर(चंपावत)। क्षेत्र में गुरूवार को हुई हल्की बरसात से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। किसानों ने बताया कि यह हल्की बरसात गेहूं व बागवानी के लिए लाभकारी है। खासकर गेहूं की बढ्वार के लिए पानी की आवश्यकता थी। उचौलीगोठ के किसान गणेश महर ने बताया कि हालांकि हल्की बरसात हुई, लेकिन इतनी बरसात भी गेहूं की पौंध की ग्रोथ के लिए रामबांण है। आमबाग के किसान ललित मोहन, खड़क चंद ने बताया कि गेहूं के साथ आम, लीची के लिए भी यह बरसात फायदेमंद होगी। संवाद
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फसलों को आंशिक राहत मिली: किसान

लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में काफी लंबे समय बाद हल्की बारिश होने से फसलों को आंशिक राहत मिली है। किसानों की उम्मींदों के मुताबिक बारिश न होने से वह अभी भी खेती के प्रति चिंतित दिखाई दे रहे हैं। करीब पांच महिने से बारिश न होने से किसानों के खेत सूख चुके थे, किसानों की बोई रबी की फसल चौपट होने की कगार में पहुंच गई है। पानी की कमी से पहले तो किसानों के बीज जमे ही नहीं, जो जमे भी वह सूख चुके हैं। बिशुंग के किसान रघुवर द्त्त मुरारी और लोहाश्री बाराकोट के जगदीश चंद्र पंत का कहना है कि क्षेत्र में जो बारिश हुई है उससे खेती को कोई फायदा नहीं हुआ है। खेतों की केवल ऊपरी परत भीगी हुई है। केवल खेतों की धूल बैठी है जमीन में नमीं नहीं है। गेहूं की फसल पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। संवाद
बारिश से किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद

चंपावत में 30 एमएम बारिश



संवाद न्यूज एजेंसी

चंपावत। चंपावत जिले में दो दिन में 30 एमएम बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। इस बारिश ने खेती और बागबानी को संजीवनी देने का काम किया है। वहीं प्रशासन की ओर से बारिश नहीं होने के कारण सूखे को लेकर सर्वे किया जा रहा है। बारिश से जिले के 50 हजार से अधिक किसान और बागवानी से जुड़े लोगों ने राहत महसूस की है। इससे मसूर, जौ, धान, आलू, पूलम आदि की खेती अच्छी होने की उम्मीद है। शुक्रवार को जिले भर में बादल छाए रहे। सुबह 10 बजे बाद गुनगुनी धूप ने लोगों को राहत दी। शाम होते ही फिर से मौसम ने करवट बदली और ठंडी हवाएं चलने से ठंड में इजाफा हुआ। जिले का तापमान अधिकतम 10.5 और न्यूनतम तापमान तीन डिग्री दर्ज किया गया जबकि बृहस्पतिवार को अधिकतम 11.5 और न्यूनतम तापमान तीन डिग्री था। इस बारिश से कहीं कोई आंतरिक मार्ग बंद नहीं हुआ।





जिले में हुई बारिश ने बड़ी राहत दी है। इस बारिश से मसूर, जौ, धान आदि की फसलों को बड़ी राहत मिलेगी। फसलों की पौध के लिए काफी अच्छी बारिश है। सूखे जैसे हालात अब नहीं होंगे।



- गोपाल सिंह भंडारी, मुख्य कृषि अधिकारी, चंपावत।



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बारिश से शीतकालीन पौधे सेब, आडू, पूलम, खुमानी, नाशपाती आदि की पैदावार पर सूखे की मार नहीं रहेगी। इस बारिश से आलू की पैदावार अच्छी होगी।



- टीएन पांडेय, जिला उद्यान अधिकारी, चंपावत।

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कहां कितनी हुई बारिश

चंपावत - 17 एमएम



लोहाघाट- चार एमएम

पाटी- चार एमएम



बनबसा- सात एमएम
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गुंजी के ग्रामीणों ने बर्फबारी में की मस्ती

धारचूला/पिथौरागढ़ । चीन सीमा से सटे व्यास घाटी में दो दिन की बर्फबारी के बाद शुक्रवार को मौसम साफ रहने से ग्रामीणों को ठंड से राहत मिली। 10500 फुट स्थित गुंजी में ग्रामीणों ने बर्फबारी में खूब मस्ती की।
गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल और भूपेंद्र गुंज्याल ने बताया कि दो दिन के हिमपात के बाद घाटी में धूप खिली है। बताया कि हिमपात के चलते दो दिन से ग्रामीण सड़क निर्माण कार्य में भी नहीं जा पाए। गुंजी से नाभीदांग और गुंजी-कुटी सड़क में बर्फ होने से वाहनों की आवाजाही में थोड़ी दिक्कतें हो रही हैं। शुक्रवार की सुबह कुछ समय के लिए आसमान में हल्के बादल रहे। इसके चलते ठिठुरन रही। दिन में आसमान साफ होने के बाद चटख धूप खिली। इसके बाद लोगों को राहत महसूस हुई। संवाद
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