थल (पिथौरागढ़)। पुंगराऊ घाटी की सबसे उम्रदराज आमा कोटगाड़ी मंदिर निवासी राधुली देवी (104) का सोमवार की रात निधन हो गया। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। इनकी पांच बेटियों में द्रोपदी देवी थल बालेश्वर मंदिर, आनंदी देवी हरनंदा मंदिर बुंगाछीना, मुन्नी देवी मोस्टामानू मंदिर, कलावती देवी कालिका मंदिर कांडा और सुशीला देवी कोटगाड़ी मंदिर की पुजारी हैं। पुत्र चंद्र बल्लभ पाठक भी कोटगाड़ी मंदिर के पुजारी हैं। राधुली देवी के पति एएमसी से सेवानिवृत्त डॉ. गोपाल दत्त पाठक थल और पांखू क्षेत्र के एकमात्र जानेमाने डॉक्टर थे। मंगलवार को थल रामगंगा और कोकिला घाट में उनकी अंत्येष्टि की गई। उनके पुत्र कोटगाड़ी मंदिर के पुजारी चंद्र बल्लभ और पौत्र पत्रकार नीरज पाठक, गोविंद भट्ट बालेश्वर मंदिर के पुजारी ने चिता को मुखाग्नि दी। इनके निधन पर कोटगाड़ी मंदिर के प्रधान पुजारी पूरन चंद्र पाठक, अध्यक्ष गोविंद बल्लभ पाठक, गिरीश चंद्र भट्ट, हरि शंकर भट्ट, गोपू पाठक, बंशीधर जोशी, बृजमोहन भट्ट, भुवन चंद्र भट्ट आदि ने शोक जताया है। संवाद