चंपावत। मोटी रकम खर्च करने के बाद भी आम लोगों को सार्वजनिक शौचालय जैसी जरूरी सुविधा नहीं मिल पा रही है। ये हाल शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों और राष्ट्रीय राजमार्ग तक का है। नए शौचालयों का तो निर्माण नहीं हो रहा है और वहीं पुराने भी इस हाल में नहीं है कि उनका उपयोग हो सके।
जिला मुख्यालय में तहसील कार्यालय के नजदीक बना सार्वजनिक शौचालय लंबे समय से बंद है। वहीं 15 हजार से अधिक आबादी वाले चंपावत शहर में बस स्टेशन को छोड़ दें तो सिर्फ एक सार्वजनिक शौचालय उपयोग लायक है। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा का कहना है कि पुराने शौचालयों को संचालित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही शहर में जरूरत के मुताबिक नए शौचालय के लिए नगर पालिका को निर्देशित किया जाएगा।
लोहाघाट में 17 साल से नहीं खुले शौचालय के ताले
लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट में सार्वजनिक शौचालयों की कमी तो है ही और जो हैं वे बदहाल हैं। शहर में आने वाले आम लोग, यात्री या व्यापारी एकमात्र शौचालय के सहारे हैं। इस कारण लोगों के लिए एकमात्र सहारा रोडवेज के पास बना सार्वजनिक शौचालय है। बाराकोट टैक्सी स्टैंड और रोडवेज स्टेशन के पास 17 वर्ष पूर्व बने दोनों शौचालयों में ताले लटके हुए हैं। इससे लोगों को असुविधा हो रही है। संवाद
पंचेश्वर स्टैंड और रोडवेज के पास लाखों रुपये से बने सार्वजनिक शौचालय शोपीस बने हुए हैं। इससे लोगों को मामूली नागरिक सुविधा नहीं मिल पा रही है। इन्हें जल्द चालू किया जाए। - सतीश मुरारी, कोषाध्यक्ष, व्यापार मंडल लोहाघाट।
लोहाघाट शहर पाटी, बाराकोट और आसपास के गांवों का प्रमुख बाजार है। ऐसे में सिर्फ एक शौचालय नाकाफी है। कहां तो नए शौचालय बनने चाहिए थे लेकिन यहां तो पहले से बने शौचालयों में भी ताले लटके हुए हैं। - भगवान सिंह ढेक, लोहाघाट
मुरादाबाद की मानव सेवा संस्थान ने दोनों शौचालयों को संचालित नहीं किया। अब नगर पालिका पेयजल संयोजन लगाने के साथ ही जरूरी सफाई कर इन शौचालयों को शुरू कराएगी। - गोविंद वर्मा, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद लोहाघाट।
सिल्थाम और केएमओयू स्टेशन के पास बनेंगे सुलभ शौचालय
पिथौरागढ़। नगर पालिका नगर में दो सुलभ शौचालयों का निर्माण करेगी। इसके लिए शासन से धन अवमुक्त हो गया है। जल्द ही शौचालयों का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
नगर पालिका सिल्थाम तिराहे और केएमओयू स्टेशन के पास एक-एक करोड़ की लागत से शौचालय का निर्माण करेगी। दोनों स्थानों पर मौजूद शौचालय पुराने हो गए हैं। शौचालयों के जीर्णशीर्ण होने के कारण अधिकांश लोग इनका उपयोग नहीं करते हैं। इसको देखते हुए पालिका ने दो नए शौचालय बनाने का निर्णय लिया है। इन शौचालयों के बनने से महिलाओं को भी सुविधा मिल सकेगी। पालिका के अधिशासी अधिकारी राजदेव जायसी का कहना है कि धनराशि मिल गई है जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
महिलाओं के लिए शौचालय की नहीं है सुलभ सुविधा
पिथौरागढ़। आधी आबादी के लिए पर्याप्त शौचालय तक नहीं हैं। टकाना क्षेत्र में कोई सार्वजनिक शौचालय नहीं है। पुराना बाजार और नया बाजार से लेकर धर्मशाला लाइन तक महिलाओं के लिए कोई शौचालय नहीं है। नगर में संचालित गिनेचुने सार्वजनिक शौचालयों में महिलाओं के लिए अलग प्रसाधन कक्ष तो हैं लेकिन रखरखाव और सफाई नहीं होने से महिलाएं शौचालयों का प्रयोग नहीं कर पाती हैं। शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी की समस्या भी रहती है। इस कारण महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। संवाद