सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना देने में बाधा पहुंचाने का दोषी पाते हुए उत्तराखंड सूचना आयोग ने जिलाधिकारी कार्यालय के लोक सूचनाधिकारी पर 15000 रुपए का दंड लगाया है। आयोग ने तत्कालीन जिलाधिकारी के सूचना न देने को भी निंदनीय माना है।
डीडीहाट तहसील के चुपड़ाखेत (आदिचौरा) निवासी त्रिभुवन सिंह चुफाल ने 11 अप्रैल 2014 को चुपड़ाखेत में जल संस्थान द्वारा स्वैप परियोजना के तहत बनाई जा रही पेयजल योजना में समिति के गठन के संबंध में जानकारी मांगी थी। प्रार्थी का आरोप था कि समिति में बगैर ग्रामवासियों की सहमति के अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष मनमाने तरीके बनाए गए हैं।
आयोग के फैसले के अनुसार जिलाधिकारी कार्यालय के लोक सूचनाधिकारी ने उक्त सूचना के संबंध में प्राप्त पत्र अधिशासी अभियंता जल संस्थान डीडीहाट अथवा महाप्रबंधक जल संस्थान पिथौरागढ़ को न भेजकर मुख्य विकास अधिकारी को भेज दिया।
राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने अपने आदेश में माना है कि जिलाधिकारी कार्यालय के लोक सूचनाधिकारी एनडी पंत ने अत्यंत लापरवाही से सूचना के अनुरोध पत्र को मुख्य विकास अधिकारी को प्रेषित किया। जिस पर राज्य सूचना आयुक्त ने जिलाधिकारी कार्यालय के लोक सूचनाधिकारी एनडी पंत पर 15000 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।