पिथौरागढ़ यूपीसीएल में समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करते हुड़ेती के ग्रामीण।
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झूलाघाट(पिथौरागढ़)। सीमांत क्षेत्र झूलाघाट और कुमाऊं की बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। आंदोलनकारियों ने शीघ्र व्यवस्थाओं में सुुधार नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झूलाघाट में लोगों ने बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा ने सीमांत झूलाघाट में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल सुशीला तिवारी में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं, जिस कारण कुमाऊं भर से रेफर रोगियों को सुविधाएं नहीं होने से आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सुशीला तिवारी अस्पताल को एम्स की तर्ज पर विकसित करने की मांग की है। इस दौरान आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे व्यापार मंडल अध्यक्ष शमशेर महर ने कहा कि जिले भर के अस्पतालों में चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। इसके बाद भी रिक्त पदों को भरने को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा पिथौरागढ़ से मामूली पेट दर्द के रोगियों को हायर सेंटर रेफर कर रहे हैं। पिथौरागढ़ में अल्ट्रासाउंड के लिए रेडियोलॉजिस्ट भी नहीं है। उन्होंने शीघ्र रिक्त पदों को भरने और सुशीला तिवारी अस्पताल को एम्स की तर्ज में विकसित करने की मांग की है।
वहां हरिबल्लभ भट्ट, परमानंद गीरी, दीपक इगराल, दशरथ खड़ायत, रमेश कलखुड़िया, प्रकाश नरियाल, गीरीश पंत, मो.अय्यूब, सुमित नरियाल, भुवन पंगरिया, प्रमोद भट्ट, दिवाकर भट्ट, शंकर खड़ायत, प्रेम प्रकाश भट्ट, घनश्याम गिरी, बृजेश गड़कोटी, काशी सिंह कुंवर सहित कई लोग मौजूद रहे।