पिथौरागढ़। पिछले साल भारी बारिश और अंधड़ के दौरान क्षतिग्रस्त जिले के 59 प्राथमिक स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए अब तक पैसा नहीं मिला है। दो जूनियर हाईस्कूल भवन भी जर्जर हालत में है। इस वर्ष मई में चले तेज अंधड़ के दौरान बेड़ीनाग ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल बौगाड़ के भवन की छत उड़ गई थी लेकिन भवन की मरम्मत के लिए कोई राशि नहीं मिली है। बच्चों को इस टूटी छत वाले भवन में ही बिठाना पड़ रहा है।
जिले में क्षतिग्रस्त भवनों की सूची सर्व शिक्षा अभियान के इंजीनियर तैयार करते हैं। सर्व शिक्षा अभियान के इंजीनियर विमल पांडे ने पिछले दिनों पूरे जिले का भ्रमण करने के बाद यह सूची विभाग के अधिकारियों को उपलब्ध करा दी है। बताया गया है कि सर्व शिक्षा अभियान के माध्यम से केंद्र सरकार को भवनों की मरम्मत के लिए धन की मांग का प्रस्ताव जनवरी 2017 में ही भेज दिया गया था लेकिन अब तक किसी भी भवन के लिए राशि नहीं मिली है। तात्कालिक मरम्मत के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के माध्यम से जिला योजना में प्रस्ताव रखे जाते हैं लेकिन जिला योजना से भी धन मंजूर नहीं हुआ है।
जिला शिक्षा अधिकारी शौकत अली ने बताया कि कुछ भवन इतने क्षतिग्रस्त हो गए हैं कि उनमें बच्चों को बिठा पाना संभव नहीं है। जिले में प्राथमिक स्कूल 1183, जूनियर हाइस्कूल 225 हैं। इनमें से कई भवन बेहद खराब हालत में हैं। भवनों की छत टपकती है। दीवारों में दरारें आ गई हैं। सरकारी प्राथमिक शिक्षा की स्थिति को सुधारने का दावा करने वाली सरकार के पास भवनों की मरम्मत के लिए राशि नहीं है।
पिथौरागढ़। वर्ष 2015 में बारिश, अंधड़ के कारण क्षतिग्रस्त 29 भवनों की मरम्मत के लिए सर्व शिक्षा अभियान को धन मिला है। इन सभी भवनों में मरम्मत का काम चल रहा है। पहले से क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत होने तक नई आपदा आ जाती है और कई भवन फिर से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। क्षतिग्रस्त भवनों का आंकड़ा घटने की बजाय बढ़ता जा रहा है।