पिथौरागढ़। जनपद के पांच शहरी स्थानीय निकायों की वर्तमान स्थिति, विकास की संभावनाओं और भविष्य की दिशा पर विस्तृत विचार विमर्श करते हुए उनके लिए विजन प्रस्तुत किए गए। इन शहरी निकायों में पिथौरागढ़, धारचूला, डीडीहाट, बेड़ीनाग और गंगोलीहाट शामिल हैं।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में मास्टर प्लान तैयार किए जाने के संबंध में बैठक हुई। बैठक में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, भोपाल के विशेषज्ञों ने पावर प्वाइंट के माध्यम से जनपद की भौगोलिक, आर्थिक व विकास संबंधी संभावनाओं का विश्लेषण प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी ने कहा कि मास्टर प्लान जनपद के सुनियोजित और दीर्घकालीन विकास का आधार होगा। उन्होंने सभी विभागों को सटीक डाटा, गुणवत्तापूर्ण योजना और समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ डॉ दीपक सैनी, एडीएम योगेंद्र सिंह सहित संबंध्ति विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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अलग-अलग शहर और अलग-अलग परिकल्पना
जनपद के मास्टर प्लान को लेकर हुई बैठक में बेड़ीनाग को स्लो सिटी एवं अवकाश–पर्यटन नगर के रूप में विकसित करने का विजन प्रस्तुत किया गया। गंगोलीहाट को धार्मिक पर्यटन नगर के रूप में उभारने, धारचूला को सीमा व्यापार एवं बॉर्डर टूरिज्म मार्केट के रूप में विकसित किया जाएगा। डीडीहाट को इको-टूरिज्म नगर के रूप में पहचान दी जाएगी, जबकि पिथौरागढ़ को प्रशासनिक व संस्थागत केंद्र, आर्मी कैंटोनमेंट और एमआईसीई पर्यटन नगर के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में सड़क और वायु संपर्क पर भी विस्तृत जानकारी साझा की गई। पीपीटी प्रस्तुति में डीडीहाट, बेड़ीनाग और पिथौरागढ़ में मध्यम जल निकासी घनत्व पाया गया, जहां पानी का संतुलित बहाव और बेहतर उपलब्धता दर्ज की गई। तकनीकी निष्कर्षों में जल संरक्षण योजनाओं, बाढ़–कटाव प्रबंधन और शहरी क्षेत्रों में सुविचारित ड्रेनेज प्लानिंग की आवश्यकता बताई गई।