नए जिलाधिकारी सी रविशंकर ने गर्मियों में होने वाली पानी की किल्लत से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने के साथ ही यातायात, अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाने की बात कही है। कहा कि कृषि और पर्यटन विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अतिक्रमण और खनन के मामले में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। डीएम ने कहा कि 8-10 दिन जिले की समस्याओं का अध्ययन करने के बाद उन पर सटीक निर्णय लिया जाएगा।
मंगलवार को जिला सभागार में पत्रकारों से वार्ता में जिलाधिकारी ने कहा कि जिला मुख्यालय के साथ ही जिले के सभी गांवों की पानी की स्थिति की जानकारी जल संस्थान और पेयजल निगम से मांगी गई है। पानी की समस्या से निपटने के लिए प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। पानी की शिकायत के लिए तहसील और ब्लॉकवार कंट्रोल रूम स्थापित होंगे। पिथौरागढ़ नगर में लग रहे ट्यूबवेल में पानी की स्थिति का आकलन किया जाएगा। पानी ठीक रहा तो ट्यूबवेल का पानी उपभोक्ताओं को बांटा जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला आपदा के लिहाज से संवेदनशील है। अभी से सजगता बरती जाएगी। कृषि के क्षेत्र में पहले से जो काम चल रहे हैं, उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा। सरकारी अस्पतालों में बाहर से दवा मंगाने पर रोक लगाई जाएगी। रामलीला मैदान में नगरपालिका द्वारा बनाई गई पार्किंग पर एक धार्मिक संस्था का कब्जा होने का मामला उठने पर डीएम ने कहा इस प्रकरण का अध्ययन कर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। जो अतिक्रमण चिन्हित हैं, उनको हटाया जाएगा।
अवैध खनन के सवाल पर जिलाधिकारी ने कहा कि सोमवार को ही इस पर हाइकोर्ट का फैसला आया है। उसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। यातायात संचालन के सवाल पर डीएम ने कहा कि 5 अप्रैल से तीन दिन का सड़क सुरक्षा कार्यक्रम चलाया जाएगा। यातायात व्यवस्थित करने के साथ ही पार्किंग व्यवस्था को सुचारु किया जाएगा। कहा घाट से लेकर जिला मुख्यालय तक सड़क की हालत ठीक नहीं है। सड़क की दशा सुधारने के साथ ही पैराफिट आदि सुरक्षा के इंतजाम कराए जाएंगे। डीएम ने नगर की सफाई अव्यवस्था और नाली चोक होने के मामले में पालिका के अधिकारियों को तलब किया। डीएम ने जिले के विकास के लिए जनप्रतिनिधि, मीडिया सहयोग मांगा। कहा जनता उन्हें कभी भी फोन पर अपनी परेशानी बता सकती है।