फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीमांत जिले से विकास प्राधिकरण हटाने की मांग मुखर

विज्ञापन
विकास प्राधिकरण के विरोध में बैठक करते संघर्ष समिति के सदस्य। अमर उजाला - फोटो : PITHORAGARH
विज्ञापन
संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक में विकास प्राधिकरण समाप्त करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई। बाद में सीमांत पिथौरागढ़ जिले को प्राधिकरण से बाहर रखने की मांग को लेकर समिति के सदस्यों ने विधायक चंद्रा पंत को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन

मंगलवार को गांधी चौक में आयोजित बैठक में संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि पिथौरागढ़ सीमांत जिला है। यह जिला पहले से ही पलायन की मार से जूझ रहा है। अब विकास प्राधिकरण लागू होने से निर्माण कार्य महंगे हो गए हैं। भवन प्लान या सुधार के लिए भी नया प्लान बनाने के लिए भारी भरकम धनराशि खर्च हो रही है। प्राधिकरण की कार्रवाई से तमाम लोग त्रस्त है। ऐसे में लोग यहां मकान बनाने के बजाय मैदान की ओर पलायन करना अधिक पसंद करेंगे। गांवों को भी प्राधिकरण में शामिल करने से पलायन और अधिक बढ़ेगा।
भविष्य में यह सीमा सुरक्षा के लिए भी खतरा बनेगा। समिति के सदस्यों ने विधायक से इस मामले को विधान सभा सत्र में उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक विकास प्राधिकरण को समाप्त नहीं किया जाता है संघर्ष जारी रखा जाएगा। बैठक और ज्ञापन सौंपने वालों में जगदीश कलौनी, एड.मोहन चंद्र भट्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष शमशेर सिंह महर, जगत मर्तोलिया, प्रेम सिंह बिष्ट आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें