नामिक को बिजली उपलब्ध कराने वाली जल विद्युत परियोजना की ध्वस्त नहर। संवाद
नाचनी (पिथौरागढ़)। मानसून से पहले ही बारिश से नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है। शुरुआती बारिश में मुनस्यारी तहसील के सबसे दूरस्थ गांव नामिक को बिजली उपलब्ध कराने वाली जल विद्युत परियोजना की नहर टूटने से बिजली उत्पादन ठप हो गया है और पूरा गांव अंधेरे में डूबा है। बिजली गुल होने से 500 से अधिक की आबादी मोमबत्ती या चीड़ के छिलकों से घरों को रोशन कर काम चला रही है।
तहसील के दूरस्थ और दुर्गम गांव के घरों को रोशन करने के लिए उरेडा ने 50 किलोवाट की जल विद्युत परियोजना का निर्माण किया है। बिजली उत्पादन के लिए जरूरी पौड़ी रौली पावर हाउस तक पानी पहुंचाने वाली नहर बीते मंगलवार हुई भारी बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। नहर का 15 मीटर हिस्सा गायब होने से बिजली उत्पादन ठप है। बिजली नहीं आने से क्षेत्र के लोगों के मोबाइल भी शोपीस बन गए हैं। पूर्व प्रधान तुलसी देवी ने कहा कि नहर टूटने की सूचना उरेडा के अधिकारियों और आपदा केंद्र को दी गई है। उन्होंने जल्द नहर ठीक कर बिजली उत्पादन शुरू करने की मांग की है। संवाद
ग्रिड से बिजली पहुंचती तो नहीं होती दिक्कत
पूर्व प्रधान तुलसी देवी ने कहा कि नामिक गांव तक ग्रिड से बिजली पहुंचाने के लिए एक साल पूर्व टेंडर भी हो चुका है। अब तक ग्रिड से बिजली नहीं पहुंची इसकी मार हम सह रहे हैं। कहा कि देश में हर गांव को बिजली से रोशन करने के दावे हो रहे हैं लेकिन हमारे गांव तक अब भी ग्रिड से बिजली न पहुंचना इन दावों को हवाई साबित कर रहा है।
कोट नहर टूटने से बिजली उत्पादन ठप हो गया है। मामले को परियोजना अधिकारी तक पहुंचाया गया है। जल्द ही नहर का निर्माण कर बिजली उत्पादन शुरू होगा। - देवेंद्र कुमार, अवर अभियंता, उरेडा, मुनस्यारी