क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक में सदस्यों ने बिजली और पानी के मुद्दों को उठाया। बसंतकोट क्षेत्र में बिजली के झूलते तारों, सड़े गले पोलों की वजह से खतरा बना है। जिन गांवों में बिजली नहीं है वहां पर सोलर लालटेन वितरित करने की मांग उठी। पेयजल संकट से त्रस्त गांवों में गाड़ी और खच्चरों से पानी की व्यवस्था करने की मांग की गई।
क्षेत्र प्रमुख नरेंद्र रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्यों ने राशन कार्ड न बनने से हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया। प्रमुख ने कहा कि कार्ड जल्दी बनाए जाएंगे। राशन न मिलने से हो रही परेशानी की जानकारी भी दी। सैंणरांथी के बीडीसी मेंबर लक्ष्मण सिंह ने बाल विकास परियोजना का लाभ आम जनता को न मिलने का मुद्दा उठाया। पुष्टाहार वितरण में भी गड़बड़ी की जा रही है।
बलाती फार्म का आलू बीज सबसे पहले मुनस्यारी के काश्तकारों को देने उसके बाद इसे बाहरी इलाकों में भेजने की बात कही गई। यदि स्थानीय किसानों की मांग पूरी हुए बगैर आलू बीज बाहर भेजा गया तो विरोध होगा। कृषि विभाग के सहायक विकास अधिकारी के व्यवहार पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। प्रधान संगठन के अध्यक्ष हरीश उप्रेती ने कहा कि अफसरों को जनप्रतिनिधियों के साथ शालीनता से पेश आना चाहिए। जलागम परियोजना के तहत हुए 36 लाख रुपये के कामों की जांच की मांग वहां के पंचायत प्रतिनिधि भगत सिंह मेहरा ने उठाई।
प्रधान शांति देवी ने नलों में गंदा पानी आने की बात कही। जल संस्थान से टंकियों की सफाई करने और ब्लीचिंग पाउडर डालने को कहा गया। बैठक में डीआरडीए के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार, एसडीएम वैभव गुप्ता, बीडीओ श्याम चंद, कनिष्ठ प्रमुख देवकी देवी, देवा राणा, लक्ष्मण महर, जगदीश बथियाल, बाला सिंह समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।