मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सीमांत मुनस्यारी के किसानों में आलू विकास विभाग के खिलाफ आक्रोश है। उन्होंने विभाग पर सिर्फ अपने चहेते किसानों को बीज बांटने का आरोप लगाया है। किसानों का आरोप है कि जरूरत के हिसाब से उन्हें बीज कम दिया गया है।
मुनस्यारी के बौना, गोल्फा, घोरपट्टा, बर्नियांगांव, सुरिंग, बुंगा, क्वीरीजिमिया, बुईं, पातो, चौना, हरकोट आदि गांव आलू की खेती के लिए प्रसिद्ध है। आलू विकास विभाग से किसान बीज लेकर उत्पादन करते हैं। आलू बेचकर ही परिवारों की आजीविका चलती है, लेकिन इस बार किसानों में आलू विकास विभाग को लेकर काफी नाराजगी और गुस्सा है।
किसानों ने विभाग पर अपने चहेतों को आलू बीज उपलब्ध कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों को दो हजार क्विंटल बीज की जरूरत है, लेकिन विभाग ने 60 क्विंटल बीज बांटकर इतिश्री कर ली। जबकि कई किसानों को बीज नहीं मिला है। बीज के बिना आलू के खेत खाली हैं।
मल्ला जोहार विकास समिति ने आलू विकास विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। समिति के महासचिव लोक बहादुर सिंह ने कहा कि हर साल सात हजार क्विंटल आलू बीज की जरूरत होती है। पिछली बार आलू में झुलसा रोग लग गया था, जिसके चलते आलू की फसल खराब हो गई थी। बीज के लिए भी आलू नहीं बच पाए।
उन्होंने विभाग के कार्यों के साथ ही आलू, अदरक, हल्दी बीजों के वितरण की जांच करने की मांग उठाई है। बुंगा की राधा देवी ने कहा कि उन्हें विभाग ने बीज नहीं दिया है। आक्रोशित किसान देर शाम तक विभागीय कार्यालय में बीज लेने के लिए डटे रहे।
क्षेत्र के जिन लोगों ने विभाग को मांग नोट कराई थी। उनके लिए ही बीज मंगाया है। पूर्व में ही गांवों में सूचना दे दी गई थी, उसके बावजूद भी लोगों ने आलू बीज की मांग नहीं भेजी। इसके चलते केवल 60 क्विंटल ही बीज उपलब्ध कराया गया है।
- कमलेश पंत, एडीओ उद्यान, मुनस्यारी।