टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मेले में बेकाबू दौड़ रही स्थानीय गाड़ियां और बाहरी क्षेत्रों से डबल डेकर बनकर आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी दुर्घटनाओं को दावत देती हुई दौड़ रहीं हैं। बावजूद इसके इन पर नियंत्रण करने के खास उपाय नहीं दिख रहे हैं।
ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार में बृहस्पतिवार को हुए हादसे के बाद पुलिस पूर्णागिरि मार्ग की बेकाबू यातायात व्यवस्था को सुधारने के प्रयास में जुटी है लेकिन सड़क पर नियमविरुद्ध दौड़ रही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पर अंकुश लगाना पुलिस के लिए टेडी खीर साबित हो रहा है। बरेली और पीलीभीत जिले से जोखिम भरी स्थिति में श्रद्धालुओं को लेकर ज्यादातर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पहुंच रही हैं।
यह न सिर्फ हाइवे पर बल्कि नगर के आंतरिक मार्ग पर भी बेरोकटोक दौड़ रही हैं जिससे जाम की स्थिति पैदा होने के साथ ही दुर्घटना का भी खतरा बना है। यातायात प्रभारी ज्योति प्रकाश का कहना है कि ऐसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोकने पर उसमें बैठे श्रद्धालु विरोध कर हंगामा खड़ा कर रहे हैं। बावजूद इसके कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के एमबी एक्ट में चालान काटे गए हैं।
ठुलीगाड़-भैरव मंदिर मार्ग पर वसूला जा रहा मनमाना किराया
टनकपुर। पूर्णागिरि धाम में ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर के बीच संचालित टैक्सी जीपों के चालक मनमाना किराया वसूलकर यात्रियों की जेब काट रहे हैं। बताया गया कि ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर तक 8 किमी की यात्रा का किराया प्रशासन की ओर से 30 रुपये तय किया गया है लेकिन कई चालक यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर 70 से 100 तक वसूल रहे हैं। एक यात्री की शिकायत पर मेला मजिस्ट्रेट/एसडीएम सुंदर सिंह ने पुलिस को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।