प्रशासन ने थोड़ी ढील क्या छोड़ी, नगर में पॉलीथिन की थैलियां फिर से दिखने लग गई। पिछले दिनों प्रशासन ने पॉलीथिन की थैलियों के इस्तेमाल पर पूरी सख्ती लगाई थी। तब पॉलीथिन की थैलियां पूरी तरह गायब हो गई और व्यापारी ग्राहकों को कागज की थैलियों में सामान देने लगे थे। इधर, कुछ समय से मौका देखकर व्यापारियों ने फिर से पॉलीथिन की थैलियां बाजार में उतार दी हैं। अब बिना हिचक आपको किसी भी दुकान से पॉलीथिन की थैली में सामान मिल जाएगा।
पॉलीथिन की थैलियों का प्रयोग पूरी तरह बंद करने के मामले में पिथौरागढ़ ने वर्ष 1995 में बड़ी मिसाल कायम की थी। तब यहां पॉलीथिन के खिलाफ व्यापक जनांदोलन ही खड़ा हो गया था। यह अभियान जैसे ही ढीला पड़ा तो पॉलीथिन फिर से प्रयोग में आने लगी। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने पॉलीथिन की थैलियों पर सख्ती से प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रशासन ने पॉलीथिन की थैलियों को बंद कराने के लिए अभियान चलाया। अब ठीक दिवाली के समय एक बार फिर से पॉलीथिन की थैलियां दिखने लगी हैं। अब पॉलीथिन के खिलाफ नगर में कोई अभियान नहीं चलता। प्रशासन ने इस बीच थोड़ा ढील सी दे दी थी।