सात वर्ष पहले सीमांत क्षेत्र के बच्चों को तकनीकी शिक्षा में दक्ष करने के लिए खोला गया राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज बंद होने की कगार पर है। कॉलेज में एकमात्र संचालित ट्रेड ऑफिस मैनेजमेंट में इस वर्ष किसी भी छात्र-छात्रा ने प्रवेश नहीं लिया। ट्रेड के दूसरे वर्ष में भी महज एक छात्रा अध्ययनरत है।
वर्ष 2011 में भाजपा सरकार ने डीडीहाट में पॉलीटेक्निक कॉलेज खोला। शुरू में इसे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के कक्ष में चलाया गया। दो वर्ष पहले दो करोड़ से अधिक की लागत से भनड़ा में फाइबर तकनीकी से कॉलेज का भवन बनाया गया। कॉलेज में सरकार की ओर से महज एक ट्रेड आफिस मैनेजमेंट की ही स्वीकृति मिली। इस वर्ष किसी भी छात्र-छात्रा ने इस ट्रेड में प्रवेश नहीं लिया। कॉलेज में कांट्रेक्ट में दो शिक्षक रखे गए।
उनका कांट्रेक्ट भी समाप्त हो गया। इस वर्ष अप्रैल से उन्हें मानदेय भी नहीं मिला है। अल्मोड़ा के दन्यां पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रधानाचार्य को यहां का भी चार्ज दिया गया है। अब जब कॉलेज बंद होने की कगार पर पहुंच गया है तो लोगों में आक्रोश पनपने लगा है। उनका कहना है कि इस कॉलेज के भरोसे युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के दावे किए गए थे, लेकिन यह अब खुद बंद होने की कगार पर पहुंच गया है।
पॉलीटेक्निक कॉलेज में अन्य ट्रेड की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों से वार्ता की गई है। आगामी विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री के समक्ष रोजगारपरक ट्रेड खोलने की मांग रखी जाएगी।
-विशन सिंह चुफाल, विधायक डीडीहाट।