नाचनी (पिथौरागढ़)। तेजम तहसील के अंतिम नामिक गांव में चुनाव संपन्न कराने के लिए पोलिंग पार्टी पहली बार वाहन से वहां पहुंचेगी। बागेश्वर जिले की सीमा के निकट बसे पिथौरागढ़ जिले के इस गांव में 415 मतदाता है।
नामिक गांव इसी साल सड़क सुविधा से जुड़ा है। इस गांव तक सड़क नहीं होने से ग्रामीण 27 किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचते थे। सड़क नहीं होने से प्रशासन के लिए चुनाव कराना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता था। पोलिंग पार्टी को बागेश्वर जिले के शामा होते हुए गोगिना तक वाहन से और गोगिना से आठ किमी पैदल मार्ग से नामिक जाना पड़ता था। नामिक की निवर्तमान प्रधान तुलसी देवी ने बताया कि 2005 में बागेश्वर के गोगिना गांव तक सड़क मार्ग निर्माण हुआ।
इससे पहले बिर्थी के द्वालीगाड़ से 28 किमी पैदल चलकर पोलिंग टीम नामिक गांव पहुंचती थी। 90 के दशक में लोक सभा चुनावों के दौरान हिमपात से रास्ता बंद होने के कारण डीडीहाट से हेलिकॉप्टर के माध्यम से पोलिंग टीम को नामिक आना पड़ा था। इस बार सड़क खुली रही तो पोलिंग पार्टी वाहन से पहली बार नामिक पहुंचेगी। पीएमजीएसवाई के अवर अभियंता पंकज उप्रेती ने बताया कि 16 किमी होकरा-नामिक सड़क का निर्माण मार्च 2024 में हो गया था। होकरा के एएनएम सेंटर और झेलम झरने के पास भूस्खलन वाला क्षेत्र है। इन स्थलों पर दो जेसीबी मशीनें और 10 किमी मसूरीकाठा होकरा सड़क पर भी एक जेसीबी मशीन तैनात की गई है।