सीएम के पुतले को जलाने से पहले उठाकर ले जाती पुलिस
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पुलिस ने शनिवार को भाजयुमो कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री का पुतला नहीं फूंकने दिया। अपटैक चौराहे पर सीएम का पुतला फूंकने के लिए जैसे ही कार्यकर्ता एकत्र हुए तब तक सीओ हिमांशु श्रीवास्तव और कोतवाल ध्यान सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुतले को उठाया और पुलिस की गाड़ी में रख दिया। भाजयुमो कार्यकर्ता शुक्रवार को मुख्यमंत्री के दौरे के समय भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हुए पुलिस बल प्रयोग के विरोध में पुतला दहन के लिए जुटे थे।
भाजयुमो नगर अध्यक्ष महेंद्र देउपा ने आरोप लगाया कि यह सारी कार्रवाई सरकार के दबाव में की जा रही है और दमन का रास्ता अपनाया जा रहा है। बाद में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में अशोक उपरारी, हरीश मेहता, किरन महर, अमित तिवारी, मितेश बोरा आदि कार्यकर्ता थे। मुनस्यारी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीएम का पुतला फूंका और सीएम के कार्यक्रम के दौरान भाजपाइयों के साथ हुई अभद्रता का विरोध किया। कहा गया कि विरोध करने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार कर दिया था।
इस दौरान मनोहर दरियाल, हिमांशु धर्मशक्तू, बबलू लोहनी, हरीश दरियाल, धर्मेंद्र कुमार, पुष्कर नेगी आदि थे। गंगोलीहाट में भाजयुमो नगर अध्यक्ष भगवान चंद, ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष पंकज कोठारी, जिला मंत्री गोकुल बुंगला, दीपक मेहरा, अशोक उप्रेती आदि ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। अस्कोट में भी भाजयुमो मंडल अध्यक्ष टिकेंद्र पाल, ललित लुंठी, गोविंद रावत, जगदीश कुंवर, नवीन राम आदि ने पुतला फूंका।