प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कामों को बांटने में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिला पंचायत सदस्य खुशाल सिंह पिपलिया ने ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजा है। पिपलिया ने आरटीआई से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि प्रदेश में जुलाई में पीएमजीएसवाई के एक हजार करोड़ रुपए के कामों के लिए निविदा आमंत्रित की गई। यह निविदा गाजियाबाद की वुडहिल इंफ्रास्टक्चर लि. के नाम खोल दी गई। यह निविदा स्वीकृत दरों से ज्यादा है।
उन्होंने कहा कि किसी भी निविदा को स्वीकृत दरों से अधिक में आवंटित नहीं किया जा सकता, लेकिन वुडहिल कंपनी को सारी निविदाएं स्वीकृत दरों से अधिक में दी गई हैं। निविदा के साथ संबंधित विभाग के अधिशासी अभियंता और उससे उच्च अधिकारी का प्रति हस्ताक्षरित पत्र भी होना चाहिए, लेकिन निविदा में ठेकेदार ने सिर्फ अपने लेटर पैड का ही प्रयोग किया है। यह भी कहा है कि निविदा को जारी करते समय ठेकेदार के बैंक के खातों की कोई जानकारी नहीं दी गई है, जबकि पहले कई निविदाएं इसी कारण रद्द की गई थी, क्योंकि अन्य ठेकेदारों ने अपने बैंक खातों की जानकारी नहीं दी थी।
ठेका देते समय ठेकेदार से कोई भी अनुभव प्रमाणपत्र नहीं मांगा गया। पिपलिया ने कहा है कि पीएमजीएसवाई के कामों के आवंटन में बरती गई अनियमितता की यदि सरकार के स्तर से जांच नहीं होती तो मामले को न्यायालय में ले जाएंगे। उनके पास आरटीआई से सारे तथ्य उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की गड़बड़ी से राजस्व की भारी हानि हो रही है और एक कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी हुई है।