बेटी के नामकरण के दिन रौंकोट गांव में पौधरोपण करता दंपति
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आज के समय में जहां कन्याओं को कोख में ही मार डालने जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं, वहीं ग्राम पंचायत बलुवाकोट के रौंकोट गांव जगदीश चंद्र जोशी, शीमा जोशी ने मिसाल खड़ी करते हुए नवजात पुत्री के नामकरण संस्कार को यादगार बना डाला। उन्होंने नवजात पुत्री प्रिया के नामकरण संस्कार पर घर के पास आम का पौधा लगाया। नामकरण की वेदिका में बेटी बचाओ, पढ़ाओ भी लिखा था।
नवदंपति का कहना था कि बेटियां किसी प्रकार का बोझ नहीं हैं, इस बात को लोगों को समझना होगा। दंपति के इस प्रयास से न केवल लोगों को बेटियों के बारे में अच्छा संदेश गया बल्कि गांव में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में भी यह प्रयास सार्थक रहा। पौधरोपण के लिए आम का पौधा बलुवाकोट के परिवर्तन संगठन ने उपलब्ध कराया।
परिवर्तन संगठन के अध्यक्ष रोहित खाती, संरक्षक एलपी उपाध्याय ने दंपति की इस पहल की सराहना की। नवजात बच्ची के दादा शंकर दत्त जोशी ने पुत्र और बहू के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि लोगों को लड़कियों को लड़कों से कतई कम नहीं आंकना चाहिए। यदि समाज में लड़कियां नहीं रहेंगी, तो मानव जीवन संकट में पड़ जाएगा।