पिथौरागढ़। सीमांत के लोगों की दिल्ली तक आवाजाही सुगम बनाने के दावे कर संचालित विमान सेवा 24 दिन बाद ही धोखा दे गई। 39 यात्री नैनीसैनी एयरपोर्ट पर दिल्ली जाने के लिए विमान का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। विमान दिल्ली से नैनीसैनी नहीं पहुंचा और यात्रियों को घंटों इंतजार के बाद निराश लौटना पड़ा। कई यात्री बस और टैक्सी से दिल्ली रवाना हुए तो कई घर लौटे।
बीते सात नवंबर को दिल्ली अब दूर नहीं का नारा देकर देश की राजधानी से पिथौरागढ़ तक सीधी विमान सेवा शुरू की गई थी। ढोल-नगाड़ों के साथ कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में इसका शुभारंभ हुआ। सभी ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए सरकार की पीठ थपथपाई। सीमांत के लोगों को भी उम्मीद थी कि सीधी विमान सेवा शुरू होने से उनका दिल्ली तक का सफर आसान और सुगम होगा। उनकी यह उम्मीद सिर्फ 24 दिन बाद ही दम तोड़ गई।
सप्ताह में तीन दिन संचालित होने वाली विमान सेवा में आसान सफर कर चंद मिनटों में दिल्ली पहुंचने की उम्मीद में बुकिंग कराकर 39 यात्री शनिवार सुबह 10 बजे नैनीसैनी एयरपोर्ट पहुंचे। वे दिल्ली से विमान के यहां पहुंचने का इंतजार करते रहे। तीन घंटे बाद उन्हें विमान न आने की जानकारी मिली तो उनकी परेशानी बढ़ गई। विमान नैनीसैनी नहीं पहुंचा और यात्रियों को निराश होकर लौटना पड़ा। कई यात्रियों ने मजबूर होकर चार किमी दूर रोडवेज स्टेशन और टैक्सी स्टैंड पहुंचकर बस और टैक्सी पकड़ी तो कई ने घर की तरफ रुख किया।
विमान सेवा से धोखा खाए यात्रियों ने एयरपोर्ट पर हंगामा भी किया लेकिन कोई हल नहीं निकला। एयरपोर्ट पर तैनात विमान सेवा संचालित कंपनी के जिम्मेदार कर्मियों ने भी तकनीकी खराबी का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। हालांकि मंगलवार से विमान सेवा शुरू होने की बात हो रही है लेकिन इस पर संशय है।
बरात में नहीं हो सके शामिल
पिथौरागढ़। इन दिनों शादी का सीजन चल रहा है। कई यात्रियों को रविवार को दिल्ली में अपनी रिश्तेदारी में हो रहे विवाह समारोह में शामिल होना था। उन्होंने इस उम्मीद में विमान की बुकिंग कराई कि एक ही दिन में वह दिल्ली पहुंचेंगे और दूसरे दिन विवाह समारोह में शामिल होंगे। विमान तो नहीं पहुंचा और दिल्ली तक संचालित रोडवेज बसें भी तब तक रवाना हो चुकीं थीं। ऐसे में वे दिल्ली में विवाह समारोह में शामिल नहीं हो सके।
हमेशा विवादों में रही विमान सेवा
पिथौरागढ़। सीमांत से संचालित विमान सेवा हमेशा विवादों में रही है। नैनी सैनी से देहरादून के लिए संचालित हेली सेवा का साथ सीमांत के लोगों को सिर्फ एक साल तक मिला। बाद में इस सेवा को बंद कर हल्द्वानी तक हेली सेवा शुरू की गई। वहीं पूर्व में पंतनगर-देहरादून रूट पर संचालित विमान में आए दिन तकनीकी खराबी आने से इस सेवा को बंद करना पड़ा। यहां तक कि विमान का दरवाजा आसमान में खुल गया और इसमें सवार यात्रियों की किसी तरह जान बची। कुछ दिनों तक हिंडन तक संचालित विमान सेवा को भी बंद कर दिया गया। अब बमुश्किल दिल्ली तक 42 सीटर विमान का संचालन हुआ है, यह भी यात्रियों को धोखा देने लगा है। ऐसे में सीमांत से संचालित विमान सेवा फिर से सवालों के घेरे में है।
सीडीओ डॉ. दीपक सैनी का कहना है कि तकनीकी खराबी के चलते दिल्ली से विमान पिथौरागढ़ नहीं पहुंचा। कंपनी की तरफ से यह जानकारी दी गई है। मंगलवार से विमान सेवा संचालित होगी।