पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ बंदीगृह से भागने वाली दोषसिद्ध अनुष्का को भगाने की योजना बंदीगृह में पहले ही बना ली गई थी। उसकी बंदीगृह से भागने में बंदीगृह में बंद धारचूला निवासी विचाराधीन बंदी और जमानत पर छूटे थल क्षेत्र के एक आरोपी ने मदद की थी।
बृहस्पतिवार को बंदीगृह से नेपाली मूल की फरार युवती को गिरफ्तार करने के बाद एसपी लोकेश्वर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अनुष्का, रवि और हरीश ने बंदीगृह से भागने की योजना तैयार की थी। उसकी मदद करने वाला हरीश बिष्ट एनडीपीएस एक्ट बंद है और रविंद्र भट्ट जमानत पर छूटा हुआ है। अनुष्का को पिथौरागढ़ नगर के जीआईसी रोड में किराये के मकान में रहने वाली नाबालिग लड़कियों के नंबर हरीश बिष्ट ने ही दिए थे।
बंदीगृह से भागने के बाद उसने जमानत पर रिहा रवि भट्ट से फोन पर बात की। इसके बाद वह जीआईसी रोड स्थित धारचूला मूल की नाबालिग लड़कियों के कमरे में चली गई थी। यहां से उसे रवि अपने साथ चलियागांव पोस्ट तड़ीगांव (थल) ले गया था। वहां से उनका प्लान डीडीहाट, धारचूला होते हुए नेपाल भागने का था। एसपी ने बताया कि मामले की जानकारी होने के बावजूद पुलिस को सूचना नहीं देने पर एक नाबालिग के खिलाफ भी पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
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अनुष्का बोली, बीमार पिता से मिलने के लिए भागी थी
पिथौरागढ़। चार दिन बाद पुलिस की गिरफ्त में आई एनडीपीएस एक्ट की दोषी अनुष्का ने बताया कि इससे पहले उसने कोई अपराध नहीं किया था। एनडीपीएस एक्ट के जिस मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज है उसमें उसका इस्तेमाल कर उसे फंसाया गया है। उसने कहा कि उसके पिता काफी बीमार हैं। वह पैरालाइज्ड हैं और उनकी मदद करने वाला कोई नहीं है। इसलिए वह अपने पिता से मिलने के लिए बंदीगृह से भागी थी। संवाद