थल से सातशिलिंग तक 50 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण के दौरान जमकर अनियमितताएं बरती जा रही है। अब पैराफिट बनाने के लिए सीमेंट में मिलाने के लिए जो सामग्री रोड किनारे उतारी गई है वह बजरी के बजाए मिट्टी है। निर्माण के काम में लगे ठेकेदारों और निर्माण एजेंसी की हरकतों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भारी गुस्सा है। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने इसकी जानकारी प्रभारी जिलाधिकारी विनोद गिरी गोस्वामी को दे दी है। प्रभारी डीएम ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
जिला पंचायत सदस्य का कहना है कि सड़क के चौड़ीकरण के काम में घोर लापरवाही बरती जा रही है। मोड़ों की कटिंग सही ढंग से नहीं की गई है। सड़क को मानक के हिसाब से चौड़ा नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच की जाए। गलत सामग्री का इस्तेमाल किसी भी दशा में न किया जाए। इससे पहले डीडीहाट के विधायक विशन सिंह चुफाल भी इस सड़क के चौड़ीकरण में हो रही धांधली का मामला उठा चुके हैं। उन्होंने यह मुद्दा विधानसभा में उठाने का ऐलान किया है। लंबे समय से लोग सड़क के चौड़ीकरण में अनियमितता के मामले उठाते जा रहे हैं लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई गौर नहीं किया है।