पिथौरागढ़। अब सीमांत जिले से ट्राउट मछली दुबई भेजी जाएगी। छह महीने के भीतर मत्स्य विभाग दुबई को 20 टन ट्राउट मछली का निर्यात करेगा। इसका सीधा लाभ जिले के मत्स्य पालकों को होगा। विभाग जल्द ही इसके लिए लाइसेंस और प्रोसेसिंग की प्रक्रिया शुरू करेगा।
धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट और कनालीछीना में ट्राउट मछली का खूब पालन हो रहा है। 150 से अधिक मत्स्य पालक ट्राउट मछली को पाल रहे हैं। विदेशों में इसकी मांग अधिक है। मत्स्य विभाग के मुताबिक, पहले चरण में 20 टन ट्राउट मछली दुबई भेजी जाएगी। इससे मत्स्य पालकों को एक करोड़ की आय होगी। विभाग 400 से 600 रुपये किलो की दर से ट्राउट मछली दुबई को बेचेगा।
इस प्रजाति में होता है भरपूर प्रोटीन
रेनबो ट्राउट मछली विटामिन बी-12 और विटामिन-डी का बेहतरीन स्रोत है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, ओमेगा-3, फैटी एसिड, खनिज भरपूर मात्रा में मिलता है। यह आंखों, हृदय, दिमाग के लिए फायदेमंद है।
46 टन से अधिक हुआ है उत्पादन
मत्स्य विभाग के मुताबिक, जिले में वर्तमान में 46 टन से अधिक ट्राउट मछली का उत्पादन हो रहा है। धारचूला के बुंगबुंग में विभागीय हेचरी में डेनमार्क की ट्राउट मछली का बीज भी तैयार हो रहा है। वर्तमान में मत्स्य पालक आईटीबीपी को ट्राउट मछली की आपूर्ति कर रहे हैं।
दुबई ट्राउट मछली का बड़ा बाजार है। इस मछली को दुबई भेजकर मत्स्य पालकों को उचित बाजार और कीमत दिलाने की योजना है। जल्द ही ट्राउट मछली की पहली खेप दुबई भेजी जाएगी। - डॉ. रमेश चलाल, जिला मत्स्य अधिकारी, पिथौरागढ़