पिथौरागढ़ की नैनी सैनी हवाई पट्टी से गुजर रहा भूमिगत मार्ग
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सोर घाटी की नैनीसैनी देश भर में भूमिगत मार्ग वाली पहली हवाई पट्टी होगी। डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एवियेशन (डीजीसीए) इस पट्टी से हवाई सेवाओं के संचालन केे लिए राजी हो गया है। अलबत्ता हवाई पट्टी पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। इसके लिए उत्तराखंड पुलिस कर्मियों को ऋषिकेश में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डीजीसीए की हरी झंडी मिलने के साथ ही जून में पिथौरागढ़ से हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी उड़ान योजना के तहत पिथौरागढ़ की नैनीसैनी हवाई पट्टी का चयन हुआ है। उड्यन मंत्रालय ने पिथौरागढ़ से तीन रूटों पर हवाई सेवाओं के संचालन को मंजूूरी दी है। पिथौरागढ़ से देहरादून के साथ ही पंतनगर और हिंडन एयरपोर्ट तक हवाई सेवाओं का संचालन किया जाना है। केंद्र सरकार इन रूटों पर सेवाओं के संचालन के लिए हेरिटेज एविएशन कंपनी को टेंडर भी जारी कर चुकी है। हालांकि, सुरक्षा कारणों के चलते अब तक डीजीसीए ने नैनीसैनी हवाई पट्टी से उड़ान को मंजूरी नहीं दी। दरअसल हवाई पट्टी से बीच से गुजर रहा भूमिगत मार्ग डीजीसीए की सबसे बड़ी आपत्ति है। नैनीसैनी हवाई पट्टी के इर्दगिर्द बसे गांव के बाशिंदे आवागमन के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
डीसीसीए की आपत्ति को देखते हुए हवाई पट्टी की कार्यदायी संस्था ने इस मार्ग पर मजबूत सुरक्षात्मक कार्य किए। पखवाड़े भर पहले ही डीजीसीए की टीम ने यहां इंतजामातों को परखा था। आखिरकार डीजीसीए ने सुरक्षात्मक इंतजामातों पर संतुष्टि जताई है। इसके साथ ही जल्द अनापत्ति देने के संकेत दिए हैं। एहतियातन भूमिगत मार्ग को देखते हुए पट्टी पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था तैनात रहेगी। वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि डीजीसीए हवाई सेवाओं के संचालन के लिए राजी हो गया है। नैनीसैनी भूमिगत मार्ग वाली देश की पहली हवाई पट्टी होगी। उन्होंने बताया कि हवाई पट्टी पर अवस्थापना कार्य अंतिम चरण में है। डीजीसीए जल्द अनापत्ति दे देगा। इसे देखते हुए जून से पिथौरागढ़ से हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद है।