पिथौरागढ़-तवाघाट हाइवे में खिरचना के पास मलबा हटाती जेसीबी
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पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पर शनिवार सुबह खिरचना के पास मलबा और पत्थर गिरने से यातायात तीन घंटे तक बंद रहा। इस सड़क पर दोनों तरफ से कई वाहन फंसे रहे। सीमा सड़क संगठन के साइड इंचार्ज विशन सिंह पिंगल ने बताया कि सुबह सात बजे मलबा गिरने की सूचना पर दोनों तरफ से जेसीबी लगाई गई और दस बजे यातायात बहाल कर दिया गया। एनएच बंद होने से डीडीहाट, धारचूला, अस्कोट, जौलजीबी, भागीचौरा जाने वाले वाहन खिरचना में ही फंसे रह गए। इस सड़क पर कई जगह मलबा आने का खतरा बना है और अक्सर यह सड़क बंद हो जाती है।
शनिवार को बारिश की रफ्तार कम होने पर कुछ सड़कों पर यातायात बहाल कर दिया गया है। थल-मुनस्यारी सड़क छोटे वाहनों के लिए खुल गई है। चिफलवा के पास बही सड़क की मरम्मत के लिए अब चट्टान काटने की तैयारी की जा रही है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी ने बताया कि बड़े वाहनों का संचालन जल्दी शुरू हो जाएगा। तेजम-शामा, मदकोट-बोना, डीडीहाट-दूनाकोट, बड़ावे-तोली, गिनीबैंड-समकोट सड़क पर यातायात बहाल हो गया है। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अभी जिले के 19 आंतरिक मार्ग बंद हैं।
इनमें धारचूला-तवाघाट, तवाघाट-पांगला, बलुवाकोट-पय्यांपौड़ी, सानदेव-ननपापू, नाचनी-बांसबगड़, बांसबगड़-गूटी, चौबाटी-बोराबुंगा, सानदेव-तुरगोली, मसूरीकांठा-होकरा, डीडीहाट-भनड़ा, बांसबगड़-पंद्रपाला, नाचनी-भैंसकोट, मटकटिया-दारमा, बडारी-कांटेबोरा, तवाघाट-कंज्योति, ओगला-पाठकगांव, क्वीटी-सैंणरांथी, नैनीपातल-कठपतिया, सनगाड़-दसौली सड़क अभी बंद हैं। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने लोनिवि और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से कहा कि बंद सड़कों को खोलने का काम तेज किया जाए। डीएम ने कहा कि इस समय बारिश की रफ्तार कम है। तेजी से मलबा हटाने का काम किया जाए।
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-8.0 एमएम
बेड़ीनाग-9.0 एमएम
मुनस्यारी-6.0 एमएम
गंगोलीहाट-7.0 एमएम
डीडीहाट-10.0 एमएम
धारचूला-3.0 एमएम