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पिथौरागढ़-तवाघाट रोड पर आवाजाही बंद

Sun, 17 Jul 2016 10:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/अस्कोट/गंगोलीहाट
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गुड़ौली के पास मलबा हटाती जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
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जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से कई सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है। सबसे खराब हालत पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच की है। इस रोड पर कई स्थानों पर मलबा गिर रहा है। अब बारिश के साथ सड़क के किनारे लटके पेड़ भी गिरने लगे हैं।
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पिथौरागढ़-तवाघाट रोड पर शनिवार रात करीब आठ बजे अस्कोट के पास मलबा गिर गया। रातभर वहां सड़क बंद रही। रविवार सुबह छह बजे से सीमा सड़क संगठन ने मलबा हटाने का काम शुरू किया। वहां पर तो रोड खुल गई, लेकिन कनालीछीना से आगे गुड़ौली के पास गिरे मलबे ने यात्रियों और वाहनों की राह फिर से रोक दी। गुड़ौली में पहाड़ी से लगातार पेड़ गिरकर सड़क पर आ रहे हैं। कुछ स्थानों पर यात्रियों ने खुद ही पेड़ों को हटाने का प्रयास किया। पिथौरागढ़-तवाघाट रोड पर हर जगह रिस्क है। कहीं पर भी मलबा गिरने का खतरा बना है। इस रोड पर रविवार को बगड़ीहाट के पास सड़क का 100 मीटर हिस्सा टूट गया है। सीमा सड़क संगठन के द्वितीय कमान अधिकारी आरबी अग्रवाल धारचूला से लौटते वक्त खुद भी बगड़ीहाट में फंस गए हैं। रास्ता पूरे दिन बंद रहा।

सातशिलिंग-थल रोड लेकघाटी के पास मलबा आने के कारण बंद है। मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग पर घिंघरानी के पास भारी मलबा गिरने से यातायात बंद है। थल-मुनस्यारी रोड पर यातायात सामान्य होने से फिलहाल लोगों को राहत मिली है। वहीं, पिथौरागढ़-गंगोलीहाट मार्ग पर भूलगांव के पास पहाड़ का एक हिस्सा टूटकर रोड पर आ गया है। इस रोड पर वाहनों की आवाजाही बंद है। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग तवाघाट से पांगला के बीच बंद पड़ा है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष सिर्फ मुख्य सड़कों की जानकारी ही दे रहा है, जबकि जिले के सभी आंतरिक मार्ग अब बंद हो गए हैं।
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मुनस्यारी तहसील की यह सड़कें बंद
मुनस्यारी। मुनस्यारी तहसील की सभी आंतरिक सड़कें बंद हैं। तेजम से होकरा, मदकोट-बोना, बांसबगड़-भैंसकोट, बांसबगड़-धामीगांव रोड के साथ साथ चुलकोट, चौना, रांथी, बजेता जाने वाली सड़कें बंद चल रही हैं। लोनिवि ने अब तक इन सड़कों से मलबा हटाने का प्रयास नहीं किया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में लोगों की समस्या बढ़ती जा रही है।

24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-60.0 एमएम
गंगोलीहाट-41.0 एमएम
बेड़ीनाग-62.0 एमएम
डीडीहाट-44.0 एमएम
मुनस्यारी-42.0 एमएम
धारचूला-70.0 एमएम

महाकाली अब भी खतरे के निशान के पास
पिथौरागढ़। महाकाली का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। रविवार को महाकाली का जलस्तर 889.2 मीटर नापा गया। महाकाली में खतरे का निशान 890 मीटर पर लगा है। गोरी का जलस्तर रविवार को 605.5 मीटर रहा। गोरी में खतरे का निशान 607.8 मीटर पर है। सरयू का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को सरयू का जलस्तर 449.6 मीटर रहा। सरयू में 453 मीटर पर खतरे का निशान लगा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने एक बार फिर से लोगों को सचेत रहने और नदियों के किनारे न जाने के लिए कहा है।
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