आखिरकार तीन दशक बाद पिथौरागढ़ की जनता की पेयजल की मांग पूरी होने वाली है। होली के अवसर पर शहर के साथ ही आसपास के ग्रामीण इलाकों को आंवलाघाट पेयजल की सौगात मिलेगी। रामगंगा का पानी आंवलाघाट से मोस्टामानू के मुख्य टैंक होते हुए शहर में पहुंच गया है। फिलहाल रोजाना एक पाली में साढ़े छह एमएलडी पानी मिलेगा। छह माह के भीतर दो पालियों में 12 एमएलडी पानी मिलने लगेेगा।
आंवलाघाट योजना की ट्रायल पंपिंग के दौरान रविवार को रामगंगा का पानी मोस्टामानू में बनाए गए 50 लाख लीटर के टैंक से होता हुआ शहर में लोनिवि टैंक तक पहुंचा। लाइन में पानी पहुंचते ही लोगों के साथ ही पेयजल कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई। इसी बीच पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने जल निगम, जल संस्थान के अधिकारियों और कार्यकर्ताओं की टीम के साथ मोस्टामानू का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों से योजना की प्रगति की जानकारी ली और सफल ट्रायल पर पीठ थपथपाई। मंत्री ने दावा किया कि होली के अवसर पर लोगों को पेयजल योजना की सौगात मिलेगी। सीएम के हाथों योजना का लोकार्पण कराया जाएगा।
बता दें कि 76 करोड़ की लागत वाली इस योजना की औपचारिक शुरुआत 14 सितंबर 2014 को हुई थी। लगभग तीन साल बाद पिछले वर्ष 30 नवंबर को सप्लाई का ट्रायल शुरू हुआ था। इस साल 31 जनवरी को आंवलाघाट से पानी मोस्टामानू पहुंचाया गया। इसके चार दिन बाद शहर तक पानी पहुंच गया। इस माह सप्लाई के ट्रायल का सिलसिला जारी रहेगा। अगले चरण में भाटकोट, एसडीएम कोर्ट के पास बने टैंकों में सप्लाई का ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल की सफलता के बाद मार्च की शुरुआत से पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। कार्यदायी संस्था जल निगम के ईई आरएस धर्मशक्तू ने बताया कि योजना शुरू होने के बाद नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों की पेयजल समस्या से निजात मिल जाएगी। शुरुआती चरण में एक पाली में साढ़े छह एमएलडी पानी मिलेगा। इसके बाद दोनों पालियों में 12 एमएलडी से अधिक पानी मिलने लगेगा।
छह माह बाद जल संस्थान को हस्तांतरित होगी योजना
कार्यदायी संस्था जल निगम ने योजना का मुख्य काम लगभग पूरा कर लिया है। इसमें पंपिंग, सड़क से लेकर टैंक एवं लाइनों का निर्माण शामिल है। हालांकि अभी 10 फीसदी काम बचा है। इसके तहत टैंकों की सुरक्षा चहारदीवारी, स्टाफ क्वाटर समेत अन्य छोटे-छोटे काम शामिल हैं। इसी माह काम पूरा होने की उम्मीद है। काम पूरा होने के छह माह तक जल निगम ही योजना को संचालित करेगा। इसके बाद जल संस्थान को हस्तांतरित किया जाएगा।
धनौड़ा, नेड़ा, बस्ते वालों को आंवलाघाट योजना से पानी दो
पेयजल समस्या से जूझ रहे धनौड़ा, नेड़ा, बस्ते के लोगों ने पेयजल मंत्री प्रकाश पंत से मुलाकात कर आंवलाघाट पेयजल योजना से पानी देने की मांग की है। इन लोगों ने मंत्री से नेडा गांव की पहाड़ी पर टंकी बनाकर पेयजल वितरित करने की मांग की है। मंत्री के पिथौरागढ़ स्थित आवास में मिलने पहुंचे लोगों ने कहा कि यह इलाके कई वर्षों से पानी की कमी झेल रहे हैं। आंवलाघाट योजना से पानी मिलने के बाद पानी की समस्या नहीं रहेगी। मंत्री ने जल संस्थान के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर टैंक निर्माण करने के निर्देश दिए। कहा कि आंवलाघाट योजना का पानी धनौड़ा, नेड़ा, बस्ते के लोगों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। मंत्री से मिलने वालों में अशोक चंद, उप प्रधान हरीश शर्मा, शेखर शर्मा, संजय शर्मा, कैलाश शर्मा, ईश्वर चंद, व्यापार मंडल संयुक्त सचिव दिनेश कापड़ी, रवि शर्मा आदि थे।