पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पर गुड़ौली के पास मलबा आने से यातायात पूरे 12 घंटे ठप रहा। शुक्रवार रात बस्तड़ी से लौट रहे जिलाधिकारी एचसी सेमवाल एवं उनके साथ गए अधिकारियों को सड़क बंद होने से भारी फजीहत झेलनी पड़ी। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों ने रात में सड़क खोलने से साफ इनकार दिया। आखिरकार डीएम एवं अन्य अधिकारियों को अपनी गाड़ियां गुड़ौली में ही छोड़कर मलबा पार कर दूसरी तरफ से दूसरी गाड़ियां पकड़नी पड़ी। जिला मुख्यालय से अफसरों को लाने के लिए दूसरी गाड़ियां भेजी गई। बीआरओ के मजदूरों ने शनिवार सुबह पांच बजे से मलबा हटाने का काम शुरू किया और आठ बजे मलबा हटने के बाद ही इस रोड पर वाहनों की आवाजाही हो पाई।
बीआरओ के सहायक इंचार्ज दुष्यंत सिंह कुंडल ने बताया कि रात में डीएम ने सड़क खोलने के लिए कहा था, लेकिन रात के अंधेरे में सड़क पर मजदूरों को लगाना जोखिमपूर्ण था। उन्होंने कहा कि मलबा और पत्थर गिरने के कारण रात में सड़क खोलना संभव नहीं था। डीएम एवं अन्य अधिकारियों की फंसी हुई गाड़ियां शनिवार सुबह ही जिला मुख्यालय को जा पाई।
उधर, सातशिलिंग-थल रोड पर सिल के पास मलबा आने से शनिवार सुबह पांच से आठ बजे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। सिल में सड़क के किनारे भारी चट्टान गिरी है। इस कारण यातायात अक्सर बाधित हो रहा है। थल-मुनस्यारी, मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग पर शनिवार को यातायात सामान्य रहा। धारचूला-तवाघाट मार्ग पर चैतुलधार के पास मलबा गिरने से यातायात शनिवार को भी कुछ देर तक बंद रहा।
जब डीएम की नहीं सुनी तो जनता की कौन सुनेगा
अस्कोट। भाजपा के वरिष्ठ नेता किशन सिंह भंडारी ने गुड़ौली के पास रोड बंद होने से डीएम के फंसने और उनकी बात को बीआरओ के अधिकारियों द्वारा तवज्जो न दिए जाने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। कहा कि जब डीएम की बात ही नहीं सुनी जाती तो आम जनता की कौन सुनेगा। उन्होंने कहा कि सड़क बंद होने से लोग रोज परेशान हो रहे हैं, लेकिन किसी भी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
मानकों की अनदेखी पर प्रशासन मौन
अस्कोट। पिथौरागढ़-तवाघाट सड़क के चौड़ीकरण के समय मानकों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। यह सड़क रोज बंद होती है। खुद डीएम इस सड़क पर दो बार फंस गए हैं, लेकिन मानकों की अनदेखी पर प्रशासन ने भी चुप्पी साध रखी है। कई बार विभिन्न संगठनों ने सड़क पर हो रहे कामों की जांच की मांग को लेकर आंदोलन भी किया, लेकिन किसी भी स्तर पर न तो जांच हुई और न सड़क की दशा ही सुधरी। इस बार की बारिश में तो सड़क बंद होने का रिकार्ड बन गया है।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-2.1 एमएम
गंगोलीहाट-10.0 एमएम
बेड़ीनाग-8.0 एमएम
डीडीहाट-27.0 एमएम
मुनस्यारी-21.0 एमएम
धारचूला-12.2 एमएम