पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले को 23 नए बांडधारी चिकित्सक मिल गए हैं। चिकित्सकों ने कार्यभार ग्रहण करना शुरू कर दिया है। जिले में लंबे समय से रिक्त पदों पर चिकित्सकों की तैनाती करने की लोग मांग कर रहे थे। नए चिकित्सकों के आने के बाद लोगों को राहत मिलेगी।
सीमांत जिले के जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी सहित कई अन्य अस्पतालों में लंबे समय से चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे थे। देहरादून मेडिकल कॉलेज से तीन, हल्द्वानी से 13 और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से सात नए चिकित्सक मिले हैं। जिले के कई अस्पताल चिकित्सकों के अभाव में फार्मासिस्टों के भरोसे चल रहे थे।
नए चिकित्सकों के आने के बाद यह समस्या दूर हो सकेगी। चिकित्सकों को प्राथमिकता के आधार पर जिन अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी है उन अस्पतालों में भेजा जा रहा है। सीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी का कहना है कि जिन अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी है वहां नए चिकित्सकों को भेजा जाएगा।
पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में 8 साल से रिक्त पड़ा है हृदय रोग विशेषज्ञ का पद
पिथौरागढ़। जिले की पांच लाख से अधिक की आबादी के इलाज के लिए हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। दिल का दौरा पड़ने पर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है।
जिले में स्वास्थ्य सुविधा मिलने की एकमात्र उम्मीद बीडी पांडेय जिला अस्पताल है लेकिन यहां आठ साल से हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। लोगों को ऐसे में इलाज कराने के लिए 210 किमी दूर हल्द्वानी या बरेली जाना पड़ता है।
हृदय रोग विशेषज्ञ के लिए विभाग शासन से लगातार पत्राचार कर रहा है लेकिन अब तक हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी है। वर्तमान में लगातार हृदय रोग संबंधी मामले बढ़ रहे हैं। हर माह 550 से अधिक मरीजों की ईसीजी कराई जाती है। यदि समस्या गंभीर होती है तो मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है। सीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी का कहना है कि शासन से विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए लगातार पत्राचार किया जाता है। शासन स्तर से ही विशेषज्ञ की तैनाती संभव है।