सोबला सड़क के बंद होने से इस तरह आवाजाही कर रहे हैं लोग। संवाद
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धारचूला (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में चार दिनों तक लगातार बारिश और बर्फबारी से हुए भूस्खलन के चलते तवाघाट-लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बंद हो गया है। इस कारण जिला मुख्यालय से चीन सीमा का संपर्क कट गया है। छियालेख में भूस्खलन की चपेट में आने से एक कार दब गई है। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वाहन में कोई नहीं था।
व्यास और दारमा घाटी की सड़कें बंद होने से व्यास घाटी के सात गांवों, तल्ला मल्ला दारमा घाटी के 17 गांवों और चौंदास घाटी के 14 गांवों के लोगों के साथ ही सीमा की सुरक्षा में लगे जवानों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। अति आवश्यक कार्य होने पर लोगों को 10 से 15 किलोमीटर पैदल और गाड़ी बदल-बदल कर तहसील मुख्यालय आना पड़ रहा है।
तहसीलदार डीके लोहनी ने बताया कि तवाघाट-छियालेख राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के चलते मलघाट, वर्तीगाड़, गर्बाधार, पेलसीती और लमारी छकन के बीच बंद है। बीआरओ के अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। मार्ग खुलने में कम से कम छह से सात दिन लगने की संभावना है। छियालेख चढ़ाई में वाहन नहीं चलने के कारण एक कार भूस्खलन से मलबे में दब गई है। गनीमत रही कि हादसे के वक्त कार में कोई नहीं था।
तवाघाट-सोबला सड़क तवाघाट से खेत तक खुल चुकी है। सोबला के उपप्रधान गजेंद्र रोकाया के नेतृत्व में उनके मजदूरों ने श्रमदान करके झिमिरगांव में बंद सड़क से बोल्डर और मलबा हटा दिया है। सोबला से खेत और खेत से तवाघाट की सड़क खुल चुकी है। खेत में बीआरओ ने सड़क खोलने का कार्य कर रही है। सीपीडब्ल्यूडी के एई अनिल बनग्याल ने बताया कि दर घटखोला, सेला नांगलिग और बालिंग में बंद सोबला ढाकर चीन सीमा सड़क को मंगलवार को मौसम साफ होने पर खोलने का कार्य किया जा रहा है। मौसम साफ रहने पर दो से तीन में सड़क खुल जाएगी।