पिथौरागढ़ जिले में फायर ब्रिगेड की सिर्फ एक यूनिट है। इस यूनिट के जिम्मे दस तहसील और आठ ब्लॉक क्षेत्र में होने वाली आग की घटनाओं को काबू करने की जिम्मेदारी है। भौगोलिक रूप से अति विषम इस जिले में आग की घटनाएं होने पर सभी जगह फायर ब्रिगेड का पहुंच पाना संभव नहीं होता।
दूरदराज गांवों में तो आग लगने पर यह तय मान लेना चाहिए कि सबकुछ खाक होने के बाद ही आग बुझेगी। जिला मुख्यालय में फायर ब्रिगेड की यूनिट रहती है लेकिन यहां पर भी कई इलाके ऐसे हैं जहां फायर ब्रिगेड का पहुंच पाना संभव नहीं होता।
मुख्य सड़क से 200 मीटर की दूरी तक तो पाइप के जरिए पानी पहुंचाने की कोशिश होती है लेकिन उससे आगे लगी आग को बुझा पाना फायर ब्रिगेड के बस की बात नहीं होती।
जिला गठन के 56 साल बाद भी यहां फायर ब्रिगेड की दूसरी यूनिट स्थापित नहीं हो पाई है जबकि कई बार इसके लिए आवाज उठ चुकी है। गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, मुनस्यारी, थल में फायर ब्रिगेड की यूनिट स्थापित करने के लिए कई बार जनप्रतिनिधि सरकार को पत्र भेज चुके हैं।
फायर ब्रिगेड में कुल 27 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से 10 कर्मचारी अर्द्धकुंभ ड्यूटी में गए हैं। यह कर्मचारी अप्रैल तक ही लौटेंगे। इस समय मात्र 17 कर्मचारियों को ही जिले का काम संभालना पड़ रहा है। फायर ब्रिगेड की एक यूनिट को तो अक्सर वीआईपी ड्यूटी में तैनात रहना पड़ता है। इस जिले में मुख्यमंत्री के दौरे अक्सर होते रहते हैं।
फायर ब्रिगेड के पास इस समय दो बड़ी गाड़ियां, दो मिनी वाहन, एक एंबुलेंस, एक टाटा सूमो गाड़ी उपलब्ध है। सीढ़ी, पाइप जैसी सामग्री की यूनिट के पास कमी नहीं है। इसके बावजूद सड़क से दूर आग लगने पर संकट की स्थिति रहती है।
सीमांत तहसील मुख्यालय धारचूला में फायर ब्रिगेड की यूनिट स्थापित करने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए भवन बनने लगा है। डीडीहाट में फायर ब्रिगेड की यूनिट प्रस्तावित है। इसकी जल्दी मंजूरी मिल जाएगी। पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा ने कहा कि अन्य स्थानों पर भी फायर ब्रिगेड स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।