सोमवार शाम आए अंधड़ के कारण कई स्थानों पर पेड़ों के टूटने से बिजली की लाइन छिन्न-भिन्न हो गई हैं। जिले के 40 फीसदी हिस्से में बिजली सप्लाई ठप है। मौसम फिर खराब होने के कारण लाइनों की मरम्मत के काम में बाधा आ रही है। कुछ स्थानों पर लाइनें इस कदर टूटी हैं कि उनकी मरम्मत में दो-तीन दिन का समय लग सकता है। विभाग ने डैमेज वाले इलाकों में टीम भेज दी है।
पिथौरागढ़ विद्युत डिवीजन के अधीन आने वाले बेड़ीनाग तहसील के पूरे इलाके और गणाई तहसील के पूरे इलाके में सोमवार शाम से बिजली गुल है। इसी तरह से सातशिलिंग से मड़मानले जाने वाली लाइन टूट गई है। चंडाक से दौला होते हुए झूलाघाट एवं आसपास के गांवों को जाने वाली बिजली सप्लाई भी ठप है। विभाग के उपखंड अधिकारी वीके बिष्ट ने बताया कि मुख्य लाइनों के टूटने से ग्रामीण अंचलों के सैकड़ों गांवों की बिजली ठप है। उन्होंने बताया कि मुख्य लाइनों की मरम्मत का काम तेज कर दिया गया है। कुछ हिस्सों में बुधवार तक और ज्यादातर हिस्सों में दो-तीन दिन में बिजली सप्लाई बहाल हो जाएगी।
धारचूला में विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता सीएस बसनेत ने बताया कि जौलजीबी से आगे पूरे धारचूला क्षेत्र की बिजली सप्लाई सोमवार शाम पांच बजे से ठप है। इसे पूरे 21 घंटे बाद बहाल किया गया है। मंगलवार अपरान्ह दो बजे जौलजीबी, धारचूला, तवाघाट एवं उससे आगे के इलाकों की बिजली सप्लाई बहाल हो गई। अलबत्ता मुनस्यारी की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। डीडीहाट तहसील के जौरासी, भागीचौरा की बिजली सप्लाई ठप है। थल घाटी के सभी गांवों, मुवानी घाटी के सभी गांवों की बिजली गुल है। उन्होंने बताया कि अभी मुख्य लाइन की मरम्मत पर ध्यान दिया जा रहा है। आंतरिक लाइनों की मरम्मत में कुछ समय लग जाएगा। अस्कोट के पूरे इलाके में सोमवार शाम से बिजली नहीं है। पेड़ गिरने से करीब 40 मीटर लाइन टूट गई है। इसकी मरम्मत में लंबा समय लगेगा।
नदी में सिल्ट आने से पानी की सप्लाई बंद
पिथौरागढ़/अस्कोट। घाट पंपिंग योजना में सिल्ट आने से सोमवार रात पंपिंग नहीं की गई। इस कारण मंगलवार को नगर में पेयजल की सप्लाई नहीं हो पाई। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि अंधड़ और बारिश से पेयजल की मुख्य लाइनों को नुकसान तो नहीं हुआ है, लेकिन सिल्ट आने से सप्लाई बंद करनी पड़ी। अस्कोट में सिनीगाड़-जमतड़ी पेयजल योजना बारिश से टूट गई है। ग्राम प्रधान गोविंद भंडारी ने बताया कि जल संस्थान और स्वैप मोड से बनी दोनों योजनाओं से पानी की सप्लाई बंद है।
संचार सेवाओं का नेटवर्क गायब
अस्कोट/थल। अस्कोट और थल में संचार सेवाओं के नेटवर्क गायब हो गए हैं। बिजली नहीं होने से भी अधिकांश लोगों के फोन स्विच ऑफ हो गए हैं। बैंकिंग सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा है। ठीक अंधड़ और बारिश के बाद फोन सेवाएं ठप होने से लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। इन इलाकों में बीएसएनएल के अलावा निजी कंपनियों का नेटवर्क काम नहीं करता है।
मुख्य सड़कों पर यातायात सामान्य
पिथौरागढ़/अस्कोट/बेड़ीनाग। एनएच और स्टेट हाइवे की सभी सड़कों पर यातायात सामान्य हो गया है। बारिश और अंधड़ के कारण सोमवार शाम टनकपुर-पिथौरागढ़, पिथौरागढ़-धारचूला रोड बंद हो गई थी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. आरएस राणा ने बताया कि इस समय मुख्य सड़कों पर यातायात जारी है। आंतरिक सड़कों पर पेड़ गिरने से बाधा पहुंची है। पिथौरागढ़-धारचूला रोड पर हचीला के पास आया मलबा सोमवार रात करीब 11 बजे हटा दिया गया। सीमा सड़क संगठन के द्वितीय कमान अधिकारी आरबी अग्रवाल ने बताया कि सभी संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी लगा दी गई है। बेड़ीनाग-रैतोली मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात बंद है। लोगों ने कुछ स्थानों पर पेड़ों को खुद ही हटा दिया, लेकिन ज्यादातर स्थानों पर अभी पेड़ नहीं हट पाए हैं।
प्रशासन ने फिर जारी किया अलर्ट
पिथौरागढ़/मुनस्यारी। जिला प्रशासन ने मंगलवार को फिर से अलर्ट जारी किया है। ‘रानू’ तूफान के कारण फिर से अंधड़, बारिश और ओले गिरने की आशंका जताई गई है। डीएम एसची सेमवाल ने बताया कि मौसम के खतरनाक मिजाज को देखते हुए सभी तहसीलों को अलर्ट किया गया है। मंगलवार को जिला मुख्यालय में दोपहर करीब 12 बजे गरज के साथ बौछारें गिरी। मुनस्यारी में सुबह एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में पिथौरागढ़ में 9 एमएम, बेड़ीनाग में 5, गंगोलीहाट में 5, मुनस्यारी में 3.5 और धारचूला में 11 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। महाकाली का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर बढ़कर 887.70 मीटर तक पहुंच गया। सरयू और रामगंगा का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।