पिथौरागढ़। टनकपुर सहित विभिन्न मंडलों के डिपो में जल्द चालकों की भर्ती होगी। चालकों की भारी कमी से जूझ रहे पिथौरागढ़ डिपो को भी 16 नए चालक जल्द मिल सकते हैं। इससे रोडवेज की लड़खड़ाती सेवा पटरी पर लाैटने की उम्मीद है।
पिथौरागढ़ डिपो में इस समय करीब 40 नए चालकों की जरूरत है। चालकों की कमी के कारण विभिन्न रूटों पर डिपो की सेवाएं बाधित हो रही हैं। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। चालक न होने से देहरादून रूट पर लंबे समय से बस का संचालन ठप है। शुक्रवार को सुबह जाने वाली पिथौरागढ़-हरिद्वार सेवा भी ठप रही। चालकों की कमी का असर वातानुकूलित मिनी बस सहित रोडवेज की अन्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है।
इस समस्या को देखते हुए निगम के महाप्रबंधक (कार्मिक) ने अनुबंधित एजेंसी को पत्र जारी कर टनकपुर मंडल के विभिन्न डिपो में जल्द चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। पत्र के अनुसार पिथौरागढ़ डिपो को 16, टनकपुर को आठ और लोहाघाट डिपो को एक चालक मिलेगी। चालकों की भर्ती होने से बसों का संचालन पटरी पर आने की उम्मीद है।
एजेंसी से भर्ती चालक चार महीने से मानदेय लिए तरसे
पिथौरागढ़। वर्तमान में पिथौरागढ़ डिपो में एजेंसी के माध्यम से 50 चालक तैनात हैं। इन चालकों को पिछले चार माह से मानदेय नहीं मिला है इससे वे परेशान हैं। महंगाई के दौर में उनके लिए बगैर मानदेय के घर चलाना और नए शिक्षा सत्र के बीच बच्चों के एडमिशन आदि की फीस भरना मुश्किल हो गया है। दूसरी ओर डिपो में स्थायी नियुक्ति वाले कार्मिक भी तीन माह से वेतन की राह देख रहे हैं।
..........
चालकों की भर्ती को अभी दस्तावेज आदि जमा करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। वहीं विशेष श्रेणी और संविदा चालकों के मानदेय के लिए भी धन मिला है। स्थायी कार्मिकों का वेतन कुछ देर से आता है।
रविशेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो