पिथौरागढ़। बसों, टायरों और स्पेयर पार्ट्स की कमी से जूझ रहे पिथौरागढ़ डिपो की समस्याएं खत्म नहीं हो पा रही हैं। इस कारण विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन सुचारु नहीं हो रहा है।
टायरों के अभाव में कई बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं। डिपो को सिर्फ दो नई बसें मिली हैं जबकि 60 टायरों की मांग के सापेक्ष सिर्फ 10 टायर ही मिल पाए हैं। इसके अलावा स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति भी पर्याप्त नहीं हुई है। इन हालातों में विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन गड़बड़ाया हुआ है। वहीं नए या रबर चढ़े टायर पर्याप्त संख्या में नहीं मिलने से पालाग्रस्त सड़कों पर पुरानी बसों का संचालन खतरनाक बना हुआ। पुराने और घिसे हुए टायर पाला क्षेत्र में रोड पर उचित पकड़ नहीं बना पाते हैं जिससे पुरानी बसों को ऐसे मार्गों पर भेजने से बचा जा रहा है।
पुरानी बसों के चलते धारचूला-बरेली सहित कुछ अन्य सेवाएं अनियमित चल रही हैं। जनपद के आंतरिक मार्गों पर भी बसों का सुचारु संचालन चुनौती बना हुआ है। एआरएम रविशेखर कापड़ी का कहना है कि उपलब्ध बसों और अन्य संसाधनों के बीच सभी रूटों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। टायरों आदि के लिए फिर से डिमांड भेजी जाएगी। संवाद